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भारत की एंटीगुआ को दो टूक- बिना रेडकॉर्नर नोटिस हो चोकसी की गिरफ्तारी

मेहुल चोकसी को एंटिगुआ से भारत लाना इतना भी आसान नहीं है. क्योंकि दोनों देशों के बीच इस प्रकार के प्रत्यर्पण से जुड़ी किसी भी प्रकार की संधि नहीं है.

मेहुल चोकसी (फाइल फोटो) मेहुल चोकसी (फाइल फोटो)

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक मेहुल चोकसी के एंटिगुआ में होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है. अब भारत की ओर से एंटिगुआ से आग्रह किया गया है कि वह उसे गिरफ्तार करें और भारत को सौंपने की प्रक्रिया शुरू करें.

भारतीय एजेंसियों की ओर से कहा गया है कि मेहुल चोकसी को गिरफ्तार करने या फिर उसे भारत को सौंपने के लिए किसी तरह के रेड कॉर्नर नोटिस की जरूरत नहीं है. ऐसे में ये वाजिब होगा कि उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए. वहीं एंटिगुआ ने आरसीएन की देरी पर भी सवाल उठाए हैं.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय से कहा है कि भारत बिना इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के भी भगोड़े अरबपति मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर सकता है क्योंकि इस प्रक्रिया के लिए यह कोई अनिवार्य जरुरत नहीं है.

गौरतलब है कि कुछ ही समय पहले एंटिगुआ की सरकार ने इस बात की पुष्टि की थी कि मेहुल चोकसी उनके देश में ही है. और उसे वहां की नागरिकता भी मिल चुकी है.

बता दें कि करीब 13 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी मुख्य आरोपी हैं. नीरव मोदी और मेहुल दोनों फरार हैं. नीरव के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है, जबकि मेहुल के खिलाफ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है.  

मेहुल चोकसी को कई बार भारतीय एजेंसियों के द्वारा समन जारी किया जा चुका है. हालांकि, हर बार उसने भारत आने में असमर्थता जाहिर की है. चोकसी ने कहा है कि अगर वह भारत आता है, तो उसके साथ लिंचिंग हो सकती है.

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