scorecardresearch
 

भोपाल त्रासदी पर गठित मंत्री समूह की बैठक कल

भोपाल गैस त्रासदी पर गठित मंत्री समूह (जीओएम) की सोमवार को बैठक होगी. इस बैठक में इस बात पर विचारविमर्श किया जाएगा कि तीन महीने पहले समिति ने केंद्रीय मंत्रिमंडल को अपनी जो अनुशंसाएं सौंपी थीं, उन पर क्या प्रगति हुई है.

Advertisement
X

भोपाल गैस त्रासदी पर गठित मंत्री समूह (जीओएम) की सोमवार को बैठक होगी. इस बैठक में इस बात पर विचारविमर्श किया जाएगा कि तीन महीने पहले समिति ने केंद्रीय मंत्रिमंडल को अपनी जो अनुशंसाएं सौंपी थीं, उन पर क्या प्रगति हुई है.

सरकार के सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री पी चिदंबरम की अध्यक्षता वाला जीओएम इस बात का आकलन करेगा कि जून के बाद से विभिन्न मंत्रालयों ने इस क्षेत्र में कितनी प्रगति की है.

जून में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जीओएम की ओर से आईं सभी 22 अनुशंसाओं को स्वीकार कर लिया था. मंत्रिमंडल ने फैसला किया था कि यूनियन कार्बाइड के पूर्व प्रमुख वॉरेन एंडरसन के प्रत्यर्पण के लिए दबाव बनाया जाएगा और डॉव केमिकल की जवाबदेही के बारे में भी पता लगाया जाएगा. उस समय बचाव और पुनर्वास के लिए 1265.56 करोड़ रुपये की राशि की भी घोषणा की गई थी.

इसके बाद अगस्त में सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय में एक सुधारात्मक याचिका दायर की थी.

सरकार पर इस मुद्दे को लेकर खासा दबाव है, जिसके चलते जीओएम के सामने एक नई राष्ट्रीय वाद नीति पर एक प्रस्तुति दिए जाने की भी संभावना है. इस नीति के तहत प्रस्ताव दिया गया है कि सभी सरकारी मुकदमों पर ठोस निगरानी रखी जाए और उनकी समीक्षा की जाए ताकि भोपाल गैस त्रासदी जैसे मामलों पर बहुत देर होने से पहले ध्यान दिया जा सके.{mospagebreak}

Advertisement

एक जुलाई से प्रभाव में आई इस नीति के तहत सरकार अदालती मामलों को श्रेणीबद्ध करेगी, ताकि जो मामले सरकार की ओर से हों, उन्हें प्राथमिकता दी जा सके.

विधि मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने पिछले दिनों कहा था कि अगर यह तकनीक अपनाई जाती है, तो अंतत: सतत समीक्षा, प्राथमिकता और श्रेणीबद्धता निर्धारित हो सकेगी. इस देश में कभी भोपाल जैसा मामला दोबारा नहीं हो, यही इस नीति का उद्देश्य है.

मोइली ने इस बात पर जोर दिया कि यह व्यवस्था इसलिए की जा रही है, ताकि भोपाल मामले में हुई देरी जैसी स्थिति दोबारा न हो और किसी भी मुकदमे में ‘देरी से हुआ न्याय, दफन हुए न्याय की तरह’ न हो सके.

इस समिति में चिदंबरम के अलावा, मोइली, स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद, शहरी विकास मंत्री एस जयपाल रेड्डी, सड़क परिवहन मंत्री कमलनाथ, गरीबी निवारण मंत्री कुमारी शैलजा, रसायन और उर्वरक मंत्री एम के अलागिरी, पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश और प्रधानमंत्री कार्यालय के मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी शामिल हैं.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement