राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण संबंधी बयान पर बीएसपी प्रमुख मायावती ने पलटवार किया है. यूपी की पूर्व सीएम ने बीजेपी नीत केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने आरक्षण पर समीक्षा की बात की तो वह देशभर आंदोलन करेंगी.
मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर मायावती ने कहा कि है और बीजेपी सिर्फ लव जिहाद और सांप्रदायिक एजेंडा में रुचि रखती है. मायावती ने कहा, 'अगर सरकार आरक्षण को खत्म करने के बारे में सोचेगी तो हम राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे.' उन्होंने आगे कहा कि दलितों के लिए आरक्षित कई पद रिक्त हैं और सच तो यह है कि सरकार दलित आरक्षण को गंभीरता से लागू नहीं कर रही है. यही नहीं, मायावती ने कहा कि दलितों को पदोन्नति में भी आरक्षण नहीं दिया जा रहा है. बीजेपी को चाहिए कि वह आरक्षण नीति को और मजबूत बनाए.
लालू ने किया था विरोध
इससे पहले सोमवार ही आरजेडी प्रमुख संघ प्रमुख के बयान का विरोध किया था. लालू ने ट्विटर पर लिखा, 'तुम आरक्षण खत्म करने की कहते हो, हम इसे आबादी के अनुपात में बढ़ाएंगे. माई का दूध पिया है तो खत्म करके दिखाओ? किसकी कितनी ताकत है पता लग जाएगा'
आरएसएस,बीजेपी आरक्षण खत्म करने का कितना भी सुनियोजित माहौल बना ले देश का 80 फ़ीसदी दलित, पिछडा इनका मुंहतोड़ करारा जवाब देगा
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
तुम आरक्षण खत्म करने की कहते हो,हम इसे आबादी के अनुपात में बढ़ायेंगे.माई का दूध पिया है तो खत्म करके दिखाओ?किसकी कितनी ताकत है पता लग जायेगा
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
तथाकथित चाय बेचने वाला, हाल ही में पिछड़ा बना मोदी बतायें कि वो अपने आका मोहन भागवत के कहने से आरक्षण खत्म करेंगे की नहीं ?
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd)
बीजेपी और संघ की सफाई