उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को बिजनौर में अपने चुनावी भाषण में कांग्रेस पर जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना में रोड़ा अटकाने और स्मारकों पर खर्च की आलोचना की.
उन्होंने मुस्लिम वोट बैंक को पाले में खींचने के लिए 1990 में मुलायम शासन में यहां हुए दंगों में मारे गए मुसलमानों का हवाला देते हुए बिजनौर की सांसद रहते हुए अपनी भूमिका की भी याद दिलायी. सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने सोनिया गांधी द्वारा रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना में सहयोग के आश्वासन पर कहा कि केंद्र द्वारा नियुक्त राज्यपाल ही इसकी स्थापना में रोड़ा अटका रहे हैं.
अपने ऊपर मूर्ति पार्कों और स्मारकों पर प्रदेश का सरकारी धन लगाने के आरोप में सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि इससे कहीं ज्यादा राशि तो परिवार विशेष के स्मारकों पर खर्च होती है. उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश के विकास का वादा करने वाली कांग्रेस की यूपीए सरकार ने नोएडा के हवाई अडडे और एक्सप्रेस वे में अड़ंगा लगा रखा है.
उन्होंने यह भी अरोप लगाया कि केंद्र ने दलित उत्थान के लिए आवंटित 72 हजार करोड़ रुपये नहीं दिए हैं. मायावती ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर प्रहार करते हुए कहा कि दलित के गंदे बच्चों को उठाने या उनके घर खाने से उनकी गरीबी दूर नहीं होगी. कांग्रेस को मुख्य निशाने पर रखते हुए उन्होंने प्रदेश के विद्युत संकट का ठीकरा भी केन्द्र के ही सिर फोड़ा. उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के सामने सपा द्वारा प्रत्याशी ना उतारने को भी उन्होंने सपा और भाजपा का अंदरूनी गठबंधन करार दिया.