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मंगल ग्रह की कक्षा से ठीक 200 दिन दूर है भारत का मंगल मिशन

पिछले साल नवंबर में भेजे गए भारत के महत्वाकांक्षी मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम) ने 2.1 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर ली है और शनिवार तक वह मंगल ग्रह की कक्षा तक पहुंचने से ठीक 200 दिन दूर है. एमओएम को 24 सितंबर को लाल ग्रह की कक्षा में पहुंचना है.

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मंगलयान की ग‍तिविधियों पर नजर रखते वैज्ञानिक
मंगलयान की ग‍तिविधियों पर नजर रखते वैज्ञानिक

पिछले साल नवंबर में भेजे गए भारत के महत्वाकांक्षी मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम) ने 2.1 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर ली है और शनिवार तक वह मंगल ग्रह की कक्षा तक पहुंचने से ठीक 200 दिन दूर है. एमओएम को 24 सितंबर को लाल ग्रह की कक्षा में पहुंचना है.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज कहा कि एमओएम यान 29 किलोमीटर प्रति सेकंड के सूर्य केंद्रित वेग के साथ आगे बढ़ रहा है और बेंगलुरू के पास स्थित इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) ग्राउंड स्टेशन से भेजे जा रहे रेडियो सिग्नल को अंतरिक्ष यान तक पहुंचने और वापस आने में 142 सेकंड का वक्त लग रहा है.

इसरो ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो एमओएम आज से ठीक 200 दिनों के बाद मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंच जाएगा. अंतरिक्ष एजेंसी की तरफ से लिखा गया कि एमओएम टीम ने स्विच ऑन किया और फरवरी 2014 में एमओएम पर मौजूद सभी पांच वैज्ञानिक उपकरणों की जांच की.

इन सभी उपकरणों के स्वास्थ्य मानक सामान्य हैं. भारत यदि यह यान मंगल ग्रह की कक्षा में भेजने में सफल हो जाता है तो वह यह उपलब्धि हासिल करने वाला छठा देश हो जाएगा. इससे पहले अमेरिका, रूस, यूरोप, जापान और चीन ने यह उपलब्धि हासिल की है.

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