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मनोज तिवारी ने कहा- देश के बाद अब दिल्ली में विकास के लिए मोदी जरूरी

मनोज तिवारी ने कहा कि आउटकम बजट के मुताबिक दिल्ली सरकार को शहर और बस में सीसीटीवी लगाने थे, मुफ्त वाई-फाई या नए बस के साथ ई-बस लाने की योजना थी, ई-पॉलिसी लाकर निजी ई-वाहनों पर सब्सिडी हो या फिर सीएनजी चालित वाहनों के पंजीकरण में छूट जैसी योजना को लागू करना हो इन सभी में सरकार पिछड़ गई है.

मनोज तिवारी (फाइल फोटो) मनोज तिवारी (फाइल फोटो)

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने तीसरा आउटकम बजट 2019-20 पेश करते हुए दिल्ली सरकार की जमकर पीठ थपथपाई और उसे आम आदमी पार्टी की चार साल की उपलब्धि करार दिया इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार का आउटकम बजट सही मायने में आम आदमी पार्टी सरकार की नाकामियों से प्रेरित पूरी तरह से फेल बजट है जिसे दिल्ली सरकार ने खुद मानते हुए स्वीकारा है कि वो दिल्ली के लिए काम करने में असफल साबित हुये है। फिर सत्ता में बने रहने के लिए और दिल्ली विधानसभा चुनावों को नजदीक पाकर केजरीवाल आउटकम बजट दिखाकर दिल्ली के लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं.

आउटकम बजट गुमराह करने का तरीका- बीजेपी

एक तरफ दिल्ली सरकार ने आउटकम बजट पेश करते हुए दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का लेखा जोखा पेश किया तो दूसरी ओर इस मामले में विपक्ष हमलावर हो गया दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केजरीवाल सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रचंड बहुमत के साथ दिल्ली की सत्ता में बैठे मुख्यमंत्री केजरीवाल दिल्ली की जनता से किए एक भी वायदे को पूरा कर नहीं पाए और जब चुनाव नजदीक दिखा तो जनता को गुमराह करने के लिए आउटकम बजट जैसा सगुफा ले आए. जब केजरीवाल साढे़ चार साल में दिल्ली को फ्री वाई-फाई नहीं दे पाए तो महिलाओं को मुफ्त में मेट्रो और बसों की सेवा कैसे देगें.

कहां गई ये योजनाएं ?

तिवारी ने कहा कि आउटकम बजट के मुताबिक दिल्ली सरकार को शहर और बस में सीसीटीवी लगाने थे, मुफ्त वाई-फाई या नए बस के साथ ई-बस लाने की योजना थी, ई-पॉलिसी लाकर निजी ई-वाहनों पर सब्सिडी हो या फिर सीएनजी चालित वाहनों के पंजीकरण में छूट जैसी योजना को लागू करना हो इन सभी में सरकार पिछड़ गई है. यह वो योजनाएं है जिस पर सरकार ने चुनाव में वादा किया था. केजरीवाल सरकार विकास और सुशासन के मामले में हर स्तर पर विफल साबित हुई है. आम आदमी पार्टी ने चुनाव में वायदा किया था कि फ्री वाई-फाई, बसों में सीसीटीवी, ई-बसें, ई-वाहन पर सब्सिडी, मोहल्ला क्लीनिक, सड़क किनारे लैंड स्केपिंग, साइकिल ट्रैक पर सोलर पैनल लगाना इत्यादि पांच साल के अपने कार्यकाल में पूरा कर दिल्ली में देगें, लेकिन वास्तिवकता इसके उलट निकली है दिल्ली के लोगों को धोखा देने वाली आम आदमी पार्टी ने एक भी वायदा पूरा नहीं किया और झूठ व फरेब की राजनीति को बढ़ावा देते हुए जनता को ठगने का काम किया है.

दिल्ली में डबल इंजन सरकार की जरूरत- बीजेपी

दिल्ली बीजेपी की ओर से कहा गया कि आम आदमी पार्टी अपने द्वारा निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना तो दूर उसे छू भी नहीं पाई वो आज दिल्ली की जनता से किस आधार पर वोट मांग रही है. केवल वायदों और घोषणा तक सिमट कर रह गई आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली के लोगों को केवल आश्वासन दिया लेकिन जमीन पर एक भी काम नहीं किया. आउटकम बजट के माध्यम से केजरीवाल सरकार खुद मान रही है कि वो दिल्ली की सत्ता को चलाने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है तो दिल्ली की जनता के सामने एक मात्र विकल्प के रूप में बीजेपी है. दिल्ली विधानसभा चुनावों में दिल्ली के लोग बीजेपी की पूर्ण बहुमत की मजबूत सरकार बनाने के लिए तत्पर हैं. जनता को पता है कि देश में मोदी और दिल्ली में बीजेपी तभी दिल्ली का विकास होगा. दिल्ली के गली महौलों पर चैपालों पर एक ही चर्चा है केजरीवाल को जाने दो और बीजेपी को दिल्ली में आने दो.

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