महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने डिफेंस सेक्टर में कदम आगे बढ़ाते हुए एक अत्याधुनिक और हाईटेक बख्तरबंद वाहन लॉन्च किया है जो सैन्य, अर्द्धसैनिक बलों की जरूरतों को पूरा करेगा. इसकी खासियत यह है कि यह माओवादी या अन्य तरह के आतंकियों द्वारा बिछाए जाने वाले लैंड माइंस से भी जवानों को सुरक्षित रखेगा.
कंपनी के मुताबिक, इसे जल्दी ही संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में इस्तेमाल किया जाएगा. लॉन्च के बारे में बताते हुए महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एक ट्वीट में इसे 'मीन मशीन' यानी बहुत ताकतवर वाहन बताया.
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क्या है खासियत
यह वाहन माइन रोधी है यानी घात लगाकर बिछाए गए लैंड माइंस से सुरक्षित रहता है. इसे महिंद्रा डिफेंस के द्वारा ही डिजाइन और तैयार किया गया है, जिसे निर्यात भी किया जाएगा. एसपी शुक्ला ने बताया कि इसे जल्दी ही संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक अभियानों में लगाया जाएगा. यह ट्रक जैसा भारी बख्तरबंद वाहन है. यही नही इसमें कई ऐसी चेक करने वाली भुजाएं भी लगी हैं जो सड़कों के किनारे पड़े विस्फोटक डिवाइस (IEDs) को हटा या उठा सकती हैं. यह वाहन माओवादी या अन्य आतंकियों द्वारा बिछाए जाने वाले लैंड माइंस विस्फोटकों से सुरक्षा बलों को बचाएगा.
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क्या कहा आनंद महिंद्रा ने
महिंद्रा डिफेंस के एग्जीक्यूटिव एसपी शुक्ला ने इस वाहन का फोटो ट्वीट किया था, जिसे आनंद महिंद्रा ने भी रीट्वीट किया है. आनंद महिंद्रा ने कहा, 'यह किसी मीन मशीन जैसा लगता है. प्रकाश शुक्ला इसमें महिंद्रा डिफेंस की वास्तवकि भावना समाहित है, जो शांति रक्षकों को सुरक्षित रखने के बारे में है.' उन्होंने मजाक में कहा कि वह बख्तरबंद वाहन मुंबई की ट्रैफिक के लिए भी परफेक्ट है, लेकिन यह अलग बात है कि आम सड़कों पर ऐसा वाहन चलाना अवैध है.
गौरतलब है कि महिंद्रा डिफेंस महिंद्रा ऐंड महिंद्रा समूह की सब्सिडियरी है. यह करीब 70 साल से अपने ग्राहकों को सैन्य और पैरा मिलिट्री समाधान पेश कर रहा है. भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना भी इसकी सेवाएं ले चुके हैं.is proud to have designed, produced & exported ‘Mine Resistant Ambush Protected’ Speciality Vehicles with Interrogation arms to lift road side IEDs. To be deployed in UN Peacekeeping Operations.
— SP Shukla (@Prakashukla)
सरकार डिफेंस में भारतीय कंपनियों को बढ़ावा दे रही है और यह लक्ष्य है कि भारतीय डिफेंस जरूरतों का कम से कम 70 फीसदी स्वदेशी कंपनियों से ही आपूर्ति किया जाए. हाल में सरकार ने डिफेंस सेक्टर में 100 फीसदी एफडीआई की इजाजत दी है.
(www.businesstoday.in के इनपुट पर आधारित)