शहर की एक अदालत ने वर्ष 2008 के बेंगलूर श्रृंखलाबद्ध विस्फोट के मामले में पीडीपी नेता अब्दुल नासिर मदनी को 26 अगस्त तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया.
कर्नाटक पुलिस ने मदनी को कोल्लम से गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसे हवाई मार्ग से यहां लाकर अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट वेंकटेश आर हुलागी के घर में उनके समक्ष पेश किया गया.
अदालत ने मदनी को पुलिस हिरासत में भेजते समय कहा कि उसे रमजान के दौरान सभी धार्मिक परंपराएं पूरी करने दी जाएंगी और जरूरत पड़ने पर पूरी चिकित्सा सुविधा दी जाएगी.
न्यायाधीश अपने घर के बाहर निकले और कार में बैठे मदनी से बात की. बम विस्फोट में मदनी अपना एक पैर गंवा चुका है.
बेंगलूर की एक अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था, जिसके पालन की समयसीमा कुछ ही देर में खत्म होने वाली थी, लेकिन उसके पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
पीडीपी नेता मदनी को आज सुबह उसके अनाथालय और मदरसा परिसर से गिरफ्तार किया गया. उसके बाद उसे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक निजी विमान से तिरुवनंतपुरम से यहां लाया गया. इस दौरान संयुक्त आयुक्त (अपराध) आलोक कुमार और पुलिस सहायक आयुक्त ओमकारय्या भी मौजूद थे.
मदनी के गिरफ्तारी वारंट को तामील कराने के लिए यही दो पुलिस अधिकारी केरल गए थे.
पीडीपी नेता की गिरफ्तारी में देरी के बारे में पूछे जाने पर आलोक कुमार ने कहा ‘‘हमने गैर जमानती वारंट को तामील कर दिया है.’ इसके पहले दिन में उच्चतम न्यायालय ने अग्रिम जमानत की अर्जी देने वाले मदनी से कहा था कि वह नियमित जमानत की याचिका दे क्योंकि वह पहले ही गिरफ्तार हो चुका है.