कांग्रेस के महासचिव और प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद कांग्रेस का अधिकार है और विश्वास जताया कि सदन की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन जुलाई से शुरू हो रहे संसद के अगले सत्र में उनके पक्ष में फैसला लेंगी.
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा था कि सदन में नेता प्रतिपक्ष के संबंध में फैसला वह सभी नियमों और परिपाटियों का अध्ययन करने के बाद लेंगी. महाजन के इसी बयान पर शकील अहमद ने प्रतिक्रिया दी.
संसद में नेता प्रतिपक्ष का वेतन और भत्ता अधिनियम 1977 और उसके तहत बनाए गए नियमों के प्रावधानों का हवाला देते हुए अहमद ने कहा कि सदन में सबसे ज्यादा सीटें पाने वाली पार्टी के नेता को ही विपक्ष के नेता का पद मिलता है.
ऐसी स्थिति में जब सदन में दो दलों को एक समान सीट मिली हो तो अध्यक्ष तय करता है कि नेता प्रतिपक्ष का पद किसे दिया जाए.