आम चुनावों का सिर्फ देश की सियासत पर ही नहीं, सोने की सेहत पर भी असर पड़ने जा रहा है. एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक अगले लोकसभा चुनावों में अगर किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो सोने की कीमत 32 हजार रुपये को पार कर सकती है. एक सर्वे से यह संस्था इस नतीजे पर पहुंची है.
एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल डी एस रावत ने इस बाबत बताया. उन्होंने कहा, 'सर्वे में हमने पाया है कि अगर स्टेबल सरकार आती है तो सोने की ड्यूटीज़ काफी हद तक डाउन हो जाएंगी, जिससे स्मगलिंग रुक जाएगी और सरकार का नुकसान कम हो जाएगा'.
भारत और चीन में सोने की होड़
एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक इस वक्त भारत और चीन के बीच सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता बनने की होड़ सी है. अगर दोनों ही देशों में राजनैतिक अस्थिरता आ जाए तो सोने की मांग और बढ़ जाएगी. स्टडी में ये भी कहा गया है कि अगर एक स्थायी सरकार आती है, चाहे फिर वह गठबंधन की ही क्यों न हो तो सोने की चमक कम पड़ सकती है और लोग रियल एस्टेट में निवेश करने की तरफ रुख कर सकते हैं.
इस बारे में रावत ने कहा कि लोग सोने में निवेश को अभी भी भरोसेमंद मानते हैं, जबकि रियल एस्टेट स्पेक्यूलेटिव सेक्टर है.