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अन्ना हजारे और AAP का असर, शुक्रवार को राज्यसभा में पेश होगा लोकपाल बिल

इसे अन्ना के अनशन का असर कहिये या दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी का ऐतिहासिक प्रदर्शन या फिर संसद में बीजेपी के हमले को कुंद करने हथियार, सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार शुक्रवार को राज्यसभा में लोकपाल बिल पेश कर सकती है.

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संसद
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इसे अन्ना के अनशन का असर कहिये या दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी का ऐतिहासिक प्रदर्शन या फिर संसद में बीजेपी के हमले को कुंद करने का हथियार, सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार शुक्रवार को राज्यसभा में लोकपाल बिल पेश कर सकती है.

केंद्र सरकार के सूत्रों ने बताया है कि संसद में बीजेपी की रणनीति को ढेर करने के लिए लोकपाल बिल पेश किया जा सकता है. अगर इसके बावजूद विपक्ष सदन नहीं चलने देता है तो उसे इस मुद्दे पर घेरा जाएगा.

इस रणनीति के जरिए सरकार अन्ना हजारे और लोकपाल बिल समर्थकों को भी यह संदेश देना चाहती है कि हम लोकपाल बिल पास कराने के लिए गंभीर है. मगर संसद में गतिरोध के कारण ये संभव नहीं हो सका.

गौर करने वाली बात यह है कि संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत 5 दिसंबर को हुई थी. उस दिन से अब तक दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है. चाहे 2जी पर जेपीसी रिपोर्ट हो या तेलंगाना गठन का मसला, विपक्ष के साथ सरकार ने अपनों ने भी संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी है. ऐसे में इस बिल का पास हो पाना नामुमकिन ही लगता है.

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वहीं दूसरी तरफ, सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे लोकपाल के लिए रालेगण सिद्धि में 10 दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठे हैं. उनकी मांग है कि सरकार शीतकालीन सत्र में इस बिल को पास कराए.

गौरतलब है कि लोकपाल बिल लोकसभा में पास हो चुका है. पर राज्यसभा में सहमति नहीं बन पाने के कारण यह बिल अटक गया था. फिलहाल बिल सेलेक्ट कमेटी के पास है. कमेटी ने इस बिल में 14 संशोधन सुझाए हैं जिस पर राज्यसभा में बहस होगी.

लोकपाल बिल पर तमाम पार्टियों की प्रतिक्रियाएं

आप नेता कुमार विश्वास- ना तो अन्ना और ना ही आम आदमी पार्टी राज्यसभा में पेश किए जाने वाले लोकपाल बिल के पक्ष में हैं. हमारी पार्टी इसे अस्वीकार करती है.

सपा नेता रामगोपाल यादव - समाजवादी पार्टी लोकपाल के समर्थन में नहीं है. वैसे इस बिल को ला कौन रहा है? सरकार सभी को बेवकूफ बना रही है.

बीजेपी नेता नजमा हेपतुल्ला - हमारी पार्टी लोकपाल के पक्ष में है. लेकिन सरकार इसे पास नहीं कराना चाहती. पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली भी लोकपाल के समर्थन के पक्ष में अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं.

जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव - अच्छा होगा कि अन्ना अनशन ना करें. लोकपाल बिल तभी पास हो सकता है जब संसद चले और इस पर गहन विचार-विमर्श हो.

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कांग्रेस नेता कमलनाथ - सत्र को घटाने की कोई योजना नहीं है. इस संबंध में आ रही खबरें गलत हैं. हमें कई बिल पास करने हैं जिनमें जनलोकपाल हमारी प्राथमिकता है. इसे पहले राज्यसभा और फिर लोकसभा में लाया जाएगा.

सपा नेता नरेश अग्रवाल - सरकार जनता में विश्वास खो चुकी है. उसे कोई बिल संसद में पास कराने का हक नहीं है. नई सरकार सभी अहम बिल पास कराएगी. इस सरकार के सभी फैसले असंवैधानिक होते हैं. चुनाव लड़ना देश के हर नागरिक का अधिकार है. और हम हमेशा ऐसे लोगों का स्वागत करना चाहते हैं जो कि उत्तर प्रदेश में आकर चुनाव लड़ना चाहते हैं.

 

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