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मेनका गांधी और एसएस अहलूवालिया लोकसभा स्पीकर की रेस में

लोकसभा चुनाव 2019 के बाद बीजेपी एक बार फिर से सत्ता पर काबिज हो चुकी है. अब 17वीं लोकसभा में संसद का पहला सत्र 17 जून से 26 जुलाई तक चलने वाला है. इसके साथ ही स्पीकर के पद के लिए नामों की चर्चा तेज होनी लगी है.

मेनका गांधी मेनका गांधी

लोकसभा चुनाव 2019 के बाद बीजेपी एक बार फिर से सत्ता पर काबिज हो चुकी है. अब 17वीं लोकसभा में संसद का पहला सत्र 17 जून से 26 जुलाई तक चलने वाला है. इसके साथ ही स्पीकर के पद के लिए नामों की चर्चा तेज होनी लगी है.

17 जून को शुरू हो रहे संसद के पहले सत्र में 17 जून और 18 जून को प्रोटेम स्पीकर सभी सांसदों को शपथ दिलाएंगे. वहीं 19 जून को लोकसभा स्पीकर का चुनाव किया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि लोकसभा स्पीकर के लिए मेनका गांधी और एसएस अहलूवालिया का नाम आगे चल रहा है. मोदी सरकार-1 में सुमित्रा महाजन लोकसभा स्पीकर थीं. हालांकि सुमित्रा महाजन ने इस बार लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ा. जिसके कारण मोदी सरकार-2 में मेनका और अहलूवालिया के नाम लोकसभा स्पीकर पद की रेस में आगे बने हुए हैं.

मेनका गांधी वर्तमान में बीजेपी की वरिष्ठ सांसद हैं. इसके साथ ही वो 8 बार लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं. वहीं एसएस अहलूवलिया चार बार राज्यसभा सांसद और दूसरी बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे हैं. हालांकि मेनका गांधी से इतर अहलूवलिया के पक्ष में तीन बातें मजबूती के साथ उनको स्पीकर की दौड़ में आगे करती हैं. पहली बात, उन्हें संसद की कार्यवाही और नियम का इनसाइक्लोपीडिया माना जाता हैं. दूसरी बात, वे बंगाली, भोजपूरी, असमी, पंजाबी, हिंदी, अंग्रेजी के अलावा कई भाषाओं के जानकार हैं. जो हाउस को चालने में काफी मददगार साबित हो सकती है. तीसरी बात, वो सिख धर्म से आते हैं जो अल्पसंख्यक समुदाय हैं.

वहीं 19 जून को लोकसभा स्पीकर का चुनाव होने के बाद 20 जून से बजट सत्र की शुरुआत होगी. 5 जुलाई को बजट पेश किया जाएगा. बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी एक बार से प्रचंड बहुमत के साथ केंद्र में सरकार बनाने में सफल हो पाई है. बीजेपी को इस बार साल 2014 से ज्यादा 303 सीटों पर जीत हासिल हुई है.

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