अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि अगर उन्हें मौका मिलता तो वह महात्मा गांधी के साथ डिनर करना पसंद करते जिन्हें वह असली नायक मानते हैं. अर्लिंगटन वर्जीनिया के वेकफील्ड हाई स्कूल की छात्रा लिली के सवाल के जवाब में ओबामा ने यह इच्छा जतायी. इस मौके पर उनके साथ शिक्षा मंत्री भी थे. ओबामा ने विद्यार्थियों के स्कूल लौटने पर स्वागत भाषण दिया.
छात्रा के सवाल पर दिया जवाब
ओबामा ने विद्यार्थियों से जिम्मेदारी लेने और अपनी असफलताओं से सबक लेना सीखने का आह्वान किया ताकि वे अंत में सफल हो सकें. ओबामा से एक छात्रा ने सवाल किया, ‘‘हाय, मैं लिली हूं. अगर आपको जीवित या मृत हस्तियों में से किसी के साथ डिनर का मौका मिले तो आप किसके साथ डिनर करना पसंद करेंगे. हंसी के ठहाकों के बीच ओबामा ने जवाब दिया, ‘‘जीवित या मृत , किसी व्यक्ति के साथ डिनर? जीवित या मृत, तो यह एक काफी लंबी सूची हो जाएगी. अगले ही क्षण वह गंभीर हो गये.
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह व्यक्ति गांधी हो सकते हैं जो मेरे लिए असली नायक हैं लेकिन यह हल्का फुल्का भोजन ही होगा क्योंकि वह अल्पाहार ही लेते थे. ओबामा ने कहा कि महात्मा गांधी एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने पिछली कई पीढ़ियों से दुनियाभर के लोगों को प्रेरित किया है.
प्रेरणास्रोत हैं महात्मा गांधी
ओबामा ने महात्मा गांधी को अनेक लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा, ‘‘वह :महात्मा गांधी: एक ऐसी शख्सियत हैं जिनसे मुझे बेहद प्रेरणा मिलती है. उन्होंने डॉ किंग (मार्टिन लूथर) को प्रेरित किया, इसलिए अगर भारत में अहिंसा आंदोलन नहीं होता तो आपको यहां नागरिक अधिकारों के लिए वैसा ही अहिंसा आंदोलन देखने को नहीं मिलता. उन्होंने कहा, ‘‘खास बात यह थी कि उन्होंने इतना कुछ किया और दुनिया को केवल अपने नैतिक मूल्यों की शक्ति से, एक दूसरे और खुद को देखने के तरीके को तब्दील करने की सार्मथ्य से बदल दिया.
उन्होंने उन अशक्त लोगों को यह अहसास कराया कि उनके पास शक्ति है, इसके बाद उन्होंने शक्ति संपन्न लोगों को यह अहसास करने में मदद की कि अगर वे सिर्फ और सिर्फ लोगों का दमन कर रहे हैं, तो यह शक्ति का सही इस्तेमाल नहीं है. ओबामा ने गांधी द्वारा बदलाव लाये जाने के तरीकों में अपनी आस्था जताते हुए कहा कि मैं हमेशा ऐसे लोगों में दिलचस्पी रखता हूं जो बदलाव लाने में समर्थ हैं, हिंसा या धन की बदौलत नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व की ताकत से, अपने नैतिक मूल्यों से. ऐसे व्यक्ति के साथ मैं बैठना और बात करना पसंद करूंगा.