‘सिटी ऑफ जॉय’ कोलकाता में वर्षों से ‘इंडियन कॉफी हाउस’ कॉफी के शौकीनों का पसंदीदा ठिकाना रहा है. लॉकडाउन में तीन महीने तक बंद रहने के बाद इंडियन कॉफी हाउस गुरुवार को दोबारा खुल गया.
प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के सामने व्यस्त कॉलेज स्ट्रीट क्षेत्र में स्थित, कॉफी हाउस को Covid-19 महामारी के खिलाफ रोकथाम उपायों के तहत इस वर्ष 20 मार्च को बंद कर दिया गया था. कॉफी हाउस को खोले जाने से पहले बुधवार को सैनेटाइज किया गया. कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों ने PPE किट पहन कर कॉफी हाउस को सैनेटाइज किया.
सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करने के लिए कॉफी हाउस में सीटिंग व्यवस्था को बदला गया है. साथ ही बॉलकनी एरिया में एंट्री प्रतिबंधित कर दी गई है. कॉफी हाउस के गेट पर थर्मल चेकिंग और हैंड सैनेटाइजर्स का प्रावधान किया गया है.
कॉफी हाउस का संचालन करने वाली इंडियन कॉफी वर्कर्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के सेक्रेटरी तपन कुमार पहाड़ी ने कहा, “हम डिस्पोजेबल फूड प्लेट्स, यूज एंड थ्रो मेनू कार्ड का इस्तेमाल करेंगे. हमें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, मैं अपने नियमित विजिटर्स से बिना किसी डर के कॉफी हाउस में आने का आग्रह करता हूं. लेकिन मास्क पहनना अनिवार्य होगा. नो मास्क, नो एंट्री.”
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अभी के लिए, कॉफी हाउस में विजिटर्स को केवल सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही सर्व किया जाएगा. नियमित सुबह 9 बजे से रात 9 बजे का शेड्यूल शुरू होने में अभी वक्त लगेगा. संचालकों को स्कूल-कॉलेजों के बंद होने की वजह से अभी बहुत कम लोगों के कॉफी हाउस में आने की उम्मीद है.

पहाड़ी ने कहा, “बेशक नियमित विजिटर्स में से 20-25% ही अभी आते हैं तो हम खुश रहेंगे. हमारे कर्मचारियों के बीच ऑपरेशन को फिर से शुरू करना एक सर्वसम्मत निर्णय था. हम देखेंगे कि चीजें कुछ दिनों तक कैसे चलती हैं और फिर आगे के लिए फैसला करेंगे.”
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कॉफी हाउस को पहले अल्बर्ट हॉल (1876 में स्थापित) के नाम से जाना जाता था. कॉफी हाउस नाम 1942 में अस्तित्व में आया. शुरू में इसे इंडियन कॉफी बोर्ड की ओर से चलाया जाता था. अब इसका संचालन एक कोऑपरेटिव सोसाइटी कर रही है.