पिछले महीने काबुल में संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा अगवा कर ली गईं भारतीय सहायता कर्मी जुडिथ डिसूजा मुक्त कराए जाने के बाद आज अपने घर लौट आईं. काबुल से लौटने के तुरंत बाद जुडिथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की. पीएम मोदी ने जुडिथ का भारत में स्वागत किया और उन्हें मुक्त कराने में सहयोग के लिए अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी का शुक्रिया अदा किया.
Delhi: Kolkata's Judith D' Souza (who was rescued from Kabul) meets PM Modi at 7 RCR
— ANI (@ANI_news)
मुताबिक जूडिथ कोलकाता जाएंगी. स्वराज ने जूडिथ की सु के लिए अफगानिस्तान में अपने एंबेसडर मनप्रीत वोहरा को बधाई दी. इसके साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान प्रशासन को इस मुहिम में मदद करने के लिए शुक्रिया भी कहा.
Thank you Afghanistan - for all your help and support in rescuing .
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
Ambassador - you have done an outstanding job.
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
Judith D'Souza is with us - safe and in good spirits. She will reach her Motherland at the earliest. Vande Mataram.
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
जूडिथ के भाई जेरोम ने शुक्रवार को ही राजधानी दिल्ली में स्वराज से मुलाकात कर अपनी बहन की सुरक्षित रिहाई के लिए मदद मांगी थी.
I am happy to inform you that Judith D'souza has been rescued.
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
विदेश मंत्री से मिला था जुडिथ का भाई
जेरोम ने बताया था कि उन्होंने के निवास पर पर जाकर मुलाकात की. स्वराज ने उन्हें भरोसा
दिलाया था कि जूडिथ को वापस लाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है. उनके भरोसे से उम्मीद जगी कि मेरी बहन जल्द घर
वापस आ जाएगी.
जूडिथ के परिजनों ने पीएम मोदी से की थी अपील
जूडिथ के परिजनों ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उसकी सुरक्षित रिहाई के लिए अपील की थी. संदिग्ध
आतंकवादियों ने 40 साल की जूडिथ को नौ जून को काबुल में उनके दफ्तर के बाहर से था.
Judith was abducted in Kabul on 9th June 2016.
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
आगा खां फाउंडेशन में काम करती थीं जूडिथ
जूडिथ वहां आगा खां फाउंडेशन के लिए वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के रूप में काम कर रही थी. जब उन्हें अगवा किया गया
था, उसी हफ्ते वह कोलकाता लौटने वाली थीं.