कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार बनने के बाद आखिरकार शुक्रवार को कैबिनेट विस्तार को अंतिम रूप दे दिया गया. कांग्रेस प्रवक्ता केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉनफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुमारस्वामी बुधवार को दोपहार दो बजे के बाद कैबिनेट का विस्तार करेंगे.
मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का कहना है कि कई दौर की बैठक के बाद सबकी सहमति से चीज़ें तय हुई है. कर्नाटक में गठबंधन के दोनों सहयोगियों कांग्रेस और जेडीएस के बीच राज्य मंत्रिमंडल में विभागों के आवंटन का मामला सुलझा लिया गया है. मुख्य रूप से कांग्रेस गृह विभाग और जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) वित्त विभाग अपने पास रखने पर सहमत हो गए हैं.
कांग्रेस को मिले ये पोर्टफोलियो
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेणुगोपाल ने बताया कि दोनों दलों के बीच बातचीत के बाद फैसला किया गया है कि कैबिनेट में कांग्रेस के हिस्से में गृह, सिंचाई, बेंगलुरु डेवलेपमेंट, उद्योग एवं शुगर इंडस्ट्री, स्वास्थ्य, राजस्व, समाज कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण जैसे 22 मंत्रालय रहेंगे.
जेडीएस को मिले मंत्रालय
वेणुगोपाल ने कहा कि सूचना विभाग, खुफिया विभाग, वित्त एवं आबकारी, पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग, पर्यटन, कॉपरेशन, शिक्षा एवं मेडिकल शिक्षा, पशुपालन, बागवानी, छोटे उद्योग, परिवहन विभाग सहित 12 मंत्रालय जेडीए को मिले हैं.
अगला आम चुनाव साथ लड़ेंगे
कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस और जेडीएस मिलकर 2019 का आम चुनाव लड़ेंगे. बता दें कि राज्य में त्रिशंकु विधानसभा के बाद चले सियासी 'नाटक' और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद जेडी-एस के नेता एच.डी.कुमारस्वामी ने 23 मई को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. कांग्रेस व जेडीएस 25 मई को सदन में बहुमत साबित करने के बाद से सरकार गठन पर गहन चर्चा जारी रखे हुए थे.
Congress and JDS will fight the 2019 Lok Sabha elections as part of alliance: KC Venugopal,Congress
— ANI (@ANI)
बता दें, ने 25 मई को विधानसभा में बहुमत साबित किया था. कुमारस्वामी ने इससे दो दिन पहले 23 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. दोनों दलों के बीच अहम विभागों को लेकर गतिरोध था और वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग को कांग्रेस और जेडीएस दोनों अपने पास रखना चाहते हैं. कुमारस्वामी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि, 'वित्त विभाग को लेकर कोई गतिरोध नहीं है.'
गौरतलब है कि में बीजेपी 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 112 सीटों के जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई. हालांकि राज्यपाल वजुभाई वाला ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया.