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दलित होने के कारण BJP सांसद को नहीं मिली गोलारहट्टी में घुसने की इजाजत

बीजेपी सांसद ए. नारायणस्वामी का आरोप है कि वे अधिकारियों के साथ गोला समुदाय के गांव गोलारहट्टी गए थे, तभी कुछ लोगों ने कहा कि आप अनुसूचित जाति से हैं, इसलिए प्रवेश की अनुमति नहीं है.

सांसद ए. नारायणस्वामी की फाइल फोटो सांसद ए. नारायणस्वामी की फाइल फोटो

  • सांसद कुछ अधिकारियों के साथ गोला समुदाय के गांव गोलारहट्टी गए थे
  • सांसद से कहा गया कि गोलारहट्टी में दलित व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है
  • पुलिस ने मामले में जांच के आदेश दिए, लोगों की पहचान की जा रही है

कर्नाटक की चित्रदुर्ग सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद ए. नारायणस्वामी को जातिगत भेदभाव का शिकार होना पड़ा है. ए. नारायणस्वामी को गोलारहट्टी गांव में घुसने की इजाजत नहीं दी गई. यह घटना तुमकूर जिले के पवागड़ा में हुई.

बीजेपी सांसद ए. नारायणस्वामी का आरोप है कि वे अधिकारियों के साथ गोला समुदाय के गांव गोलारहट्टी गए थे, वहां कुछ लोगों ने कहा कि आप अनुसूचित जाति से हैं, इसलिए आपको प्रवेश की अनुमति नहीं है. इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं.

गोलारहट्टी में पहले से मौजूद कुछ लोगों ने नारायणस्वामी से लौट जाने को कहा. इन लोगों का कहना था कि गोलारहट्टी में किसी दलित या निचली जाति के व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है. नारायणस्वामी दलित हैं जबकि गोला समुदाय अन्य पिछड़ी जाति से आते हैं.

चित्रदुर्ग के सांसद नारायणस्वामी से वहां मौजूद लोगों ने कहा कि इस गांव में अब तक किसी पिछड़ी जाति के व्यक्ति को प्रवेश की इजाजत नहीं मिली है. दोनों पक्षों की ओर से मामूली बहस के बाद सांसद नारायणस्वामी वहां से निकल गए. बाद में पुलिस ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

यहां के एसपी ने कहा कि अब तक यह साफ नहीं है कि सांसद को रोकने वाले लोग कौन थे. पुलिस के मुताबिक, उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने सांसद को गोलारहट्टी में जाने से रोका था. एक पुलिस इंस्पेक्टर को जांच करने का आदेश दिया गया है. पुलिस को अब तक यही ता है कि दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने सांसद को वहां रोका था.

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