भारतीय वायु सेना के प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा है कि करगिल युद्ध में सही मायनों में हवाई हमले से ही दुश्मन का मनोबल टूटा था. करगिल युद्ध में वायुसेना ने दिन-रात पाकिस्तानी घुसपैठियों के ऊपर बम गिराए थे. वह गुरुवार को करगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने के मौके पर आजतक से बात कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि करगिल के बाद पिछले 20 साल में जो कमियां थीं, उन्हें हमने दूर कर लिया है. वायु सेना प्रमुख ने कहा कि आज हमारे पास यूएवी हैं. संचार के बेहतर उपकरण हैं. आज पाकिस्तान करगिल जैसी घुसपैठ नहीं कर पाएगा. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमारे पास राफेल आएगा, एस 400 आएगा. इससे हमारी ताकत और बढ़ेगी.वायु सेना प्रमुख ने कहा कि हमारे पास योजना है जिसके हिसाब से हम चीन और पाकिस्तान, दोनों मोर्चों पर लड़ने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मैंने अपने कार्यकाल में जो लक्ष्य थे, वह पूरे किए. धनोआ ने कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक में मुझे आतंकी कैंपों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे हमने पूरा किया.
उन्होंने कारगिल युद्ध को याद करते हुए कहा कि तब मैंने एक युवा पायलट के तौर पर इस युद्ध में हिस्सा लिया था.
गौरतलब है कि करगिल युद्ध आज ही के दिन (25 जुलाई को) समाप्त हुआ था. भारतीय सेना ने पराक्रम दिखाते हुए दुश्मन को वापस अपने घर में घुसने पर मजबूर कर दिया था. भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों के परमाणु संपन्न होने के बाद यह पहला युद्ध था. इस युद्ध में भारतीय वायु सेना ने अपने अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया था.