केन्द्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने 104 उपग्रह अंतरिक्ष में प्रक्षेपित होने पर आज तक से कहा कि देश ने धरती पर तो कई बार इतिहास रचा है पर यह पहला मौका है कि देश ने अंतरिक्ष और आसमान में भी जीत हासिल की है. वे डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस और प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री हैं. वे इस प्रक्षेपण का सारा श्रेय वे वैज्ञानिकों को देते हैं. वे कहते हैं कि ये विदेशी उपग्रह हैं.
पहले उड़ता था मजाक
वे कहते हैं कि पहले विश्व के लोग भारत का मजाक उड़ाया करते थे कि भारत दिन में सपने देख रहा है. आज देश के वैज्ञानिकों ने देश का गौरव बढ़ाने का काम किया है. वे कहते हैं कि भारत ने 21 देशों के उपग्रह लॉन्च किए हैं. वे कहते हैं कि देश का स्पेस कार्यक्रम संस्कारों से जुड़ा है. वे कहते हैं कि स्पेस कार्यक्रम हाउसिंग, रेल, डिजास्टर और स्मार्ट सिटी प्रोग्राम में स्पेस टेक्नालॉजी का प्रयोग किया जा रहा है. तो वहीं युवाओं के सेटेलाइट भी अब छोड़े जाने लगे हैं.
इन उपग्रहों में अधिकांश विदेशी हैं
गौरतलब है कि इस अभियान में भेजे गए 104 उपग्रहों में से तीन भारत के हैं. जबकि बाकी के 101 सैटेलाइट्स इसराइल, कजाख़्स्तान, नीदरलैंड, स्विटजरलैंड और अमरीका के हैं. "इनमें से एक उपग्रह का वजन 730 किग्रा का है, जबकि बाकी के दो का वजन 19-19 किग्रा है. इनके अलावा इस अभियान के दौरान भारत के पास 600 किग्रा और वजन भेजने की क्षमता थी. जिसके चलते इसरो के वैज्ञानिकों ने 101 दूसरे सैटेलाइटों को भी लॉन्च करने का बड़ा फैसला किया और इसमें वे सफल भी हुए.