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हाई स्पीड ट्रेन के लिए मोदी को रिझाने में लगे जापान और चीन

चीन और जापान मोदी सरकार को रिझाने में लग गए हैं. दोनों ही देश भारत की महत्वाकांक्षी हाई स्पीड ट्रेन योजना में हिस्सेदार बनना चाहते हैं. दोनों के पास इसके लिए पर्याप्त संसाधन मौज़ूद हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

चीन और जापान मोदी सरकार को रिझाने में लग गए हैं. दोनों ही देश भारत की महत्वाकांक्षी हाई स्पीड ट्रेन योजना में हिस्सेदार बनना चाहते हैं. दोनों के पास इसके लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं. एक अंग्रेजी अखबार ने यह खबर दी है.

इस हफ्ते पीएम मोदी जापान जा रहे हैं और वे वहां बुलेट ट्रेन परियोजना को देखेंगे. समझा जाता है कि जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे इसके लिए जोरदार प्रयास करेंगे. मोदी जापान के क्योतो शहर में उतरेंगे. वहीं जापान का नामी रेल नेटवर्क शिनकांसेन है. जापान भारत को बुलेट ट्रेन सहित तमाम वित्तीय सुविधाएं देने को तैयार है.

दूसरी ओर चीन भी इसी प्रोजेक्ट के लिए बाहें फैलाए खड़ा है. वह जापान से सस्ती हाई स्पीड ट्रेन दे सकता है और वह इसे फाइनेंस भी कर सकता है. चीन के प्रेसीडेंट शी जिनपिंग सितंबर के मध्य में भारत आ रहे हैं. वह भी भारत की इस महत्वाकांक्षी योजना में हाथ बंटाना चाहते हैं. चीन ने हाल के वर्षों में अपनी रेल परियोजनाओं को जबर्दस्त ढंग से बढ़ाया है. उसके पास भी बुलेट ट्रेन है और वह जापान से सस्ती दरों पर यह काम कर सकता है.

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन पर लगभग 60,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और यह रकम काफी बड़ी है. इस तरह की बड़ी परियोजना में जापान और चीन दोनों ही दिलचस्पी दिखा रहे हैं. दोनों ही देश इसके लिए पीएम मोदी को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं और आगे भी करेंगे.

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