विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ से मौजूदा हालात को लेकर फोन पर बातचीत की है. विदेश मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री से बातचीत की और ध्यान दिया कि घटनाक्रम ने बहुत गंभीर मोड़ ले लिया है. तनाव के स्तर को लेकर भारत काफी चिंतित है. साथ ही ईरान के साथ हम संपर्क में बने रहने के लिए सहमत हुए हैं.
वहीं ईरान के कल्चर व गाइडेंस उप मंत्री डॉ मोहसिन जावादी ने दिल्ली में कहा कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी व अन्य अधिकारियों की अमेरिकी हमले में मारे जाने के बाद अमेरिका के साथ जारी तनाव का असर भारत के साथ संबंधों पर नहीं होगा.
डॉ मोहसिन जावादी ने नई दिल्ली में 'पुस्तक निर्यात बाजार' पर एक सम्मेलन से इतर आईएएनएस से कहा कि भारत-ईरान के संबंध ईरान के सामने उत्पन्न संकट से स्वतंत्र हैं.
Just concluded a conversation with FM @JZarif of Iran. Noted that developments have taken a very serious turn. India remains deeply concerned about the levels of tension. We agreed to remain in touch.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 5, 2020
मोहसिन जावादी ने अमेरिका का जिक्र किए बिना कहा कि हम हमले की निंदा करते हैं. ईरान लंबे समय से खतरों का सामना कर रहा है. हमारी किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन अगर कोई हम पर हमला करता है, तो हमें पता है कि कैसे जवाब देना है. भारत-ईरान संबंधों पर उन्होंने कहा कि यह इन सब मुद्दों से ऊपर है. हमारे संबंध बहुत गहरे व परिपक्व हैं. इस हमले से हमारे संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
अमेरिका-ईरान के तनाव दुनिया की नजर
अमेरिकी हमले में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद पूरे मध्य पूर्व में युद्ध के आसार बन रहे हैं. ईरान ने बदले की कार्रवाई करते हुए दो अमेरिकी ठिकानों पर रॉकेट दागे , तो उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में 52 ठिकाने उनके निशाने पर हैं जिन्हें वे बर्बाद कर सकते हैं.
जंग की इस तनातनी के बीच यूरोपीय संघ ने अमन और शांति बहाली की अपील की है. यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेफ बॉरेल ने दोनों देशों से शांति बहाली की अपील की है, साथ ही कहा है कि तनाव कम करने की दिशा में दोनों देश आगे कदम बढ़ाएं.