बीबीसी की प्रतिबंधित डाक्यूमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर्स’ के सह निर्माता ने 16 दिसंबर गैंगरेप के दोषी मुकेश के इंटरव्यू लेने के फैसले को सही ठहराया और कहा कि उसकी ‘आवाज’ देश भर में ‘बहुत से ड्रॉइंग रूमों’ में पाई जा सकती है और इसे अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए.
ब्रिटिश फिल्म निर्माता लेस्ली उडविन के साथ मिलकर इस फिल्म को बनाने वाले दिबांग ने कहा कि दोषी मुकेश सिंह हमारे समाज का ‘एक हिस्सा’ था और ऐसी मानसिकता का ‘पर्दाफाश’ करने की जरूरत थी.
उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि इस बयान की कई प्रकार से व्याख्या की जा सकती है लेकिन मेरे लिए मुकेश हमारे समाज का एक हिस्सा है. वह हम में से एक है. हम उसके बारे में क्यों बात नहीं करना चाहते ? मैं आपको ड्र\इंग रूमों में ले जाऊंगा और आपको उस जैसे कई लोग मिलेंगे.’
दिबांग इंडियन वीमेंस प्रेस कोर में एक परिचर्चा में भाग ले रहे थे जिसमें सेंटर फॉर वीमेंस डेवलपमेंट स्टडीज की निदेशक इंदु अग्निहोत्री, वरिष्ठ पत्रकार पामेला फिलिपोस, पीसीआई सदस्य राजीव रंजन नाग , एआईडीडब्ल्यूए की महासचिव जगमति सांगवान और अधिवक्ता अरविंद गौड़ ने हिस्सा लिया.
(इनपुट: भाषा)