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इंडियन मुजाहिदीन के हैं खतरनाक मंसूबे

इन्डियन मुजाहिद्दीन के खौफनाक इरादे अब एक एक कर सामने आ रहे हैं. मुंबई की मकोका अदालत में दायर चार्जशीट में इस बात का खुलासा किया गया है कि आईएम के चार मॉड्यूल मे से एक फिदायीन मॉड्यूल था जिसके निशाने पर कई वीवीआईपी थे.

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इन्डियन मुजाहिद्दीन के खौफनाक इरादे अब एक एक कर सामने आ रहे हैं. मुंबई की मकोका अदालत में दायर चार्जशीट में इस बात का खुलासा किया गया है कि आईएम के चार मॉड्यूल मे से एक फिदायीन मॉड्यूल था जिसके निशाने पर कई वीवीआईपी थे.

दिल्ली में जामिया के बाटला हाउस से गिरफ्तार इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य मोहम्मद सैफ ने अपने बयान में खुलासा किया है कि इन्डियन मुजाहिद्दीन के चार हिस्से हैं. सहाबुद्दीन ब्रिगेड, मोहम्मद गज़नवी ब्रिगेड, शहीद-अल-ज़रक़ावी ब्रिगेड और मीडिया सेल.

सहाबुद्दीन ब्रिगेड को दक्षिण भारत बदअमनी फैलाने की ज़िम्मेदारी दी गई थी जबकि मोहम्मद गज़नवी ब्रिगेड उत्तर भारत में धमाको की योजना बनाता है, मीडिया सेल हमलों से पहले उसकी जानकारी अख़बारों और न्यूज़ चैनलों को देती थी लेकिन इन सब से खतरनाक अगर कोई ब्रिगेड है तो वो है शहीद-अल-ज़रक़ावी ब्रिगेड जो कि फ़िदायीन ब्रिगेड है.

इसका काम है वीवीआईपी क़ाफिलों पर फिदायीन हमले करना. सैफ की माने तो गुजरात धमाकों की ज़बरदस्त सफलता और सूरत में सहाबुद्दीन ब्रिगेड की विफलता के बाद मोम्मद गज़नवी ब्रिगेड के सरगना मो आतिफ अमीन ने शहीद-अल-ज़रकावी की कमान संभाल ली थी. फिदायीन हमलों के लिये आतिफ ने कई एके-47 राईफल, पिस्तौल और गोला बारूद का इंतज़ाम जुलाई अगस्त 2008 में ही कर लिया था. आतिफ ने फ़िदायीन हमलों के लिये फरार आतंकवादी अरीज़ खान उर्फ जुनैद और दिल्ली के बाटला हाउस इन्काउंटर में मारे गये आतंकवादी मो साजिद को तैयार किया था.

सैफ की माने तो आतिफ अमीन ने लश्कर के कैम्प से ट्रेनिंग हासिल की थी और उसका सगा भाई डॉ शाहनवाज़ अभी भी फरार है. क्राइमब्रांच को इसी बात का खटका है क्योकि इंडियन मुजाहिदीन के जो लोग पकड़ में आये है वो प्लानिंग को अंजाम देने वाले लोग. धमाकों की मास्टर प्लानिंग करने वाले मास्टर माइंड अभी भी गिरफ्त से बाहर जो देश पर एक बडे खतरे से कम नही.

दरअसल सैफ ने ही पुलिस को ये बताया है कि इन्डियन मुजाहिद्दीन के तार आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तोयबा से जुड़े हैं और भारत में उसे सिमी का समर्थन भी हासिल है. सैफ के मुताबिक शहीद-अल-ज़रक़ावी ब्रिगेड का सरगना मो आतिफ अमीन पाक़िस्तान में बैठे अमीर रज़ा खान नाम के एक शक्स से सीधे संपर्क में था जो इन्डियन मुजाहिद्दीन का फाउंडर है इसके सर पर पाक़िस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई के अलावा दूसरे आतंकवादी संगठनों का भी हाथ है और यही वजह है कि मुंबई क्राईम ब्रांच ने अब इस मामले में फरार आतंकवादियों की तलाश तेज़ कर दी है.

तमाम गिरफ्तारियों और एनकाउंटर के बाद भी ख़तरा अभी टला नहीं है क्योंकि इंडियन मुजाहिद्दीन अभी भी जिंदा है. पुलिस जोर शोर से भारत में हुए हमलों के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है क्योंकि अबतक जितने भी आतंकी एनकाउंटर में मारे गए हैं या जो गिरफ्तार हुए हैं वो हमले को अंजाम देने वाले थे. इसकी साजिश रचने वाले अब भी गिरफ्त से बाहर हैं. आतंकी वारदातों पर लगाम कसने के लिए उनतक पहुंचना बहुत जरूरी है. पुलिस को फिलहाल इंडियन मुजाहिदीन के सरगना अमीर रज़ा की तलाश हैं.

खबरों के मुताबिक अमीर रज़ा पाकिस्तान में छुपा है और वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की पनाहगाह में है. उस तक पहुंचने के लिए पुलिस रियाज और इकबाल भटकल को पकड़ना चाहती हैं क्योंकि इन दोनों की गिरफ्तारी से इंडियन मुजाहिदीन की कमर टूट सकती है क्योंकि इन्हीं के जरिए अमीर भारत में हमले को अंजाम दिला सकता है.

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