scorecardresearch
 

ISI का मिशन घुसपैठ: चकमा देने के लिए खरीदे 'एंटी थर्मल जैकेट्स'

बीएसएफ को शक है कि पाकिस्तान ने देसी तकनीक का इस्तेमाल कर इस तरीके की खोज की होगी. पाकिस्तान की घुसपैठ की इस नई तकनीक के बारे में बड़े स्तर पर ख़ुफ़िया विभाग में भी चर्चा हुई है.

प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

भारत के अंदर आतंक की तबाही मचाने के लिए पाकिस्तान रोज नए-नए कारनामे सीमा के उस पार और पाक अधिकृत कश्मीर में करता रहता है. पाकिस्तान आर्मी ने पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से 200 से ज्यादा "एंटी थर्मल जैकेट्स" खरीदे हैं. सूत्रों के मुताबिक, एंटी थर्मल जैकेट्स के जरिए आतंकी घुसपैठ की बड़ी साज़िश हो सकती है.

भारत और पाकिस्तान सीमा पर लगे थर्मल डिवाइस (Hand Held Thermal Imager) को चकमा देने के लिए आईएसआई ने आतंकियों को एंटी थर्मल जैकेट्स दिए हैं. इन जैकेट्स की सबसे खास बात ये है कि आतंकी इसे पहन कर बड़े आराम से देश की सीमा में दाखिल हो सकते हैं. खुफिया एजेंसियों की इस रिपोर्ट के बाद से सुरक्षा एजंसियां चौकस हो गई हैं.

गृह मंत्रालय को भेजी गई खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईएसआई ने एंटी थर्मल जैकेट्स पाकिस्तानी सेना के उन खास यूनिट को भी मुहैया कराई गई है. जिनके बारे में सर्वविदित है कि पाकिस्तान सेना का ये ग्रुप आतंकियों को घुसपैठ के लिए कवर फायर देता है.

BSF सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान घुसपैठ कराने के लिए हीट रजिस्टेंस ड्रेस का इस्तेमाल करने में जुटा हुआ है. पाकिस्तान इस तरीके की तकनीक को बाहर से ना लाकर अपने देश में ही डेवलप किया होगा. इस तकनीक के जरिए वह अंतरराष्ट्रीय सीमा और LOC पर ज्यादा से ज्यादा आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर सकता है.

बता दें कि पाकिस्तान आतंकियों की घुसपैठ कराने की नई चाल रच रहा है. बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के उस पार हैंड हेल्ड थर्मल इमेज के जरिए एक वीडियो मिला है. इस वीडियो से ये पता चल रहा है कि पाकिस्तान आतंकी घुसपैठ के लिए ऐसे कपड़ों का इस्तेमाल कर रहा है जो कि हैंड हेल्ड थर्मल इमेज यानी एच एच टी आई में साफ डिटेक्ट नहीं हो रहा है. BSF बॉर्डर से ऐसी तस्वीर और वीडियो आने के बाद अब उसकी टेक्निकल टीम जांच करने में जुटी हुई है.

ये वीडियो जम्मू के "जब्बोवाल"बीओपी का है. बीएसएफ़ के अधिकारी HHTI के इस वीडियो को देखकर दंग रह गए जब उनको पता चला कि एक विशेष तरीके की आकृति इसमे दिख रही है, जिसमें ये पता नही चल रहा है कि ये है क्या.

क्या है HHTI?

HHTI भारत और पाकिस्तान सीमा पर लगे थर्मल डिवाइस है. इसमें सरहद पर कोई मूवमेंट दिन या रात के वक्त होती है तो ये कैमरे बॉर्डर उस मानव/जीव की उसके शरीर की गर्मी यानी शरीर से निकलने वाली ऊष्मा को डिटेक्ट कर उस व्यक्ति की/जन्तु की आकृति को बता देता है. जिसके जरिए बीएसएफ़ के कंट्रोल रूम में मौजूद व्यक्ति को मूवमेंट की पूरी जानकारी मिल जाती है. इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाती है.

घुसपैठ पर नजर रखने के लिए बीएसएफ लगा रहा है स्मार्ट फेंसिंग

HHTI में जो तस्वीर डिटेक्ट नहीं हुई उसको लेकर BSF में भले ही माथापच्ची चल रही हो. लेकिन BSF आगे आने वाले समय में इंटरनेशनल बॉर्डर से किसी तरीके की आतंकी घुसपैठ ना हो उसके लिए कॉन्प्रिहेंशन इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट के तहत स्मार्ट फेंसिंग लगा रहा है.

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जम्मू सेक्टर की दो जगहों पर स्मार्ट फेंसिंग लगाने का काम इस वक्त चल रहा है. जानकारी के मुताबिक, स्मार्ट फेंसिंग में 5 लेयर सिक्योरिटी होगी, जिसमें अंडर ग्राउंड सेंसर के साथ-साथ वैसे रडार होंगे जो झाड़ियों में भी छुपे आतंकवादियों को डिटेक्ट कर सकते हैं. सीआईबीएमएस प्रोजेक्ट गृह मंत्रालय का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है. इसके जरिए बॉर्डर से घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए पूरा बंदोबस्त किया जा रहा है.

बौखलाई हुई पाक की खुफिया एजेंसी 

रक्षा विशेषज्ञ पीके सहगल ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी जिस तरीके से कश्मीर घाटी और LOC पर मारे जा रहे हैं. इससे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी बौखलाई हुई है. यही वजह है कि वो आतंकियों की घुसपैठ के लिए एंटी थर्मल जैकेट्स खरीद रही है, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियां LOC और IB चौकन्नी है. आतंकी अगर हीट रेजिस्टेंस यानी शरीर से निकलने वाली गर्मी जिसको कि HHTI पकड़ लेता है उसकी काट ढूंढ लिया है तो भारतीय सुरक्षा बलों ने दूसरे घुसपैठ रोकने के सिस्टम बॉर्डर पर लगा रखा है.

पीके सहगल ने कहा कि 5 लेयर सिक्योरिटी है जिसमें लेजर वाल के साथ-साथ एयरोस्टेट बैलून, नाइट विजन डिवाइस, नाइट विजन कैमरा और ड्रोन शामिल हैं. ऐसे में आतंकियों का भारत की सीमा में घुसना इतना आसान नहीं होगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×