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भारत के चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग लाने को लेकर कांग्रेस के अंदर ही मतभेद!

भारत के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लाने के प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस खुद ही एकमत नजर नहीं आती. संसद का मौजूदा सत्र शुरू होने के साथ से ही कांग्रेस की ओर से ऐसा प्रस्ताव लाए जाने की खबरें आती रहीं.

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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा

भारत के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लाने के प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस खुद ही एकमत नजर नहीं आती. संसद का मौजूदा सत्र शुरू होने के साथ से ही कांग्रेस की ओर से ऐसा प्रस्ताव लाए जाने की खबरें आती रहीं. हालांकि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर इस संबंध में अब तक कुछ नहीं कहा.

सूत्रों के मुताबिक पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य अहमद पटेल चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने के पक्ष में नहीं है और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपनी इस राय से अवगत भी करा दिया है.

कांग्रेस ऐसा कोई भी कदम उठाने से पहले उससे जुड़े तमाम सियासी नफा-नुकसान पर गौर कर रही है. कांग्रेस के कुछ नेताओं को लगता है कि चुनावी साल में पार्टी के इस तरह के कदम को बीजेपी राम मंदिर विरोधी और हिन्दू विरोधी करार देकर फायदा उठाने की कोशिश कर सकती है.  

वहीं कांग्रेस लीगल सेल के प्रमुख और सांसद विवेक तनखा ने भी कहा है कि महाभियोग को लेकर पार्टी ने अभी कोई फैसला नहीं किया है.

सूत्रों के मुताबिक दूसरी तरफ कांग्रेस में कुछ नेताओं की ये राय भी है कि जिस तरह सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों ने सामने आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीफ जस्टिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए, ऐसे में पार्टी को महाभियोग का प्रस्ताव जरूर लाना चाहिए.

ग्रैंड ओल्ड पार्टी में जहां अहमद पटेल के साथ सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने के पक्ष में नहीं हैं. वहीं, वरिष्ठ पार्टी नेता और जानेमाने वकील कपिल सिब्बल और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद की राय के मुताबिक महाभियोग प्रस्ताव लाया जाना चाहिए.

आधिकारिक तौर पर कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अभी स्थिति साफ नहीं की है. गुलाम नबी आजाद ने ‘आजतक’ से कहा, ‘हमने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं किया है.’

बता दें कि कांग्रेस ऐसा प्रस्ताव लाने से पहले चाहती है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर समान सोच वाली पार्टियों के बीच एकजुटता दिखाई दे. इसी कोशिश में कांग्रेस कई सहयोगी दलों से दस्तखत भी करा चुकी है.

जिन सहयोगी दलों ने कांग्रेस के कुछ सांसदों के साथ प्रस्ताव पर दस्तखत किए थे, वो ये जानने के लिए दबाव बढ़ा रहे हैं कि महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस क्यों नहीं दिया जा रहा है.  

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान की ओर से चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग लाने के प्रस्ताव को फिलहाल ठंडे बस्ते में भी डाला जा सकता है. बहरहाल, अभी कांग्रेस के अंदर ही नेताओं में इस मसले पर अलग अलग राय है और असमंजस बना हुआ है.

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