चीनी सीमा पर भारतीय जवानों की शहादत से देश गुस्से में है और कांग्रेस, मोदी सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस नेता केसी वेगुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि़ आज जब पूरा देश हमारे वीर सैन्य अफसरों तथा सैनिकों की शहादत पर अश्रुपूर्ण श्रृद्धांजलि दे रहा है, तो स्वाभाविक तौर से देशवासियों के मन में अत्यंत पीड़ा भी है, आक्रोश भी और गुस्सा भी.
कांग्रेस नेताओं ने कहना कि अब यह साफ है कि चीन ने अक्षम्य अपराध किया है. चीनी सैनिकों ने राईफल की संगीनों, लोहे की रॉड, कंटीली बाड़ वाली लाठियों, डंडों व अन्य हथियारों से जानबूझकर हमारे जाबांज सैन्य अधिकारी व सैनिकों पर हमला किया. यह सोचकर कांप उठता है कि जिस निर्दयता और निमर्मतापूर्वक तरीके से हमला किया गया.
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केसी वेगुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि यह सबसे अधिक आवेशित करने वाली, नामंजूर व तकलीफदेह बात है. आज हर मन में वेदना है व हर जुबान पर भारी रोष है. पूरे देश को न केवल इस बात की नाकाबिले बर्दाश्त पीड़ा है कि णबांकुरों की निमर्मतापूर्वक शहादत हुई, साथ ही गुस्सा है कि उन्हें चीन से निहत्थे लोहा लेने के लिए क्यों भेजा गया.
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कांग्रेस नेताओं ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री देश को जवाब देंगे. हमारे जांबाज सैन्य अधिकारी व सैनिकों को दुश्मन के पास निहत्थे क्यों भेजा गया? किस हुक्मरान ने हमारे सैन्य अधिकारी व सैनिकों को यह आदेश दिया? क्या चीन की मंशा समझने में भारी चूक केंद्रीय सरकार व उनके नेतृत्व की घोर विफलता का प्रतीक नहीं?
कांग्रेस ने पूछा कि जब हमारे सैन्य अधिकारी व सैनिकों को बगैर हथियार भेजा जा रहा था, तो आर्मी प्रोटोकॉल के अनुरूप उनकी सुरक्षा के लिए हथियारबंद ‘बैकअप फोर्स’ क्यों उपलब्ध नहीं थी? यदि बैकअप फोर्स थी, तो उसे क्यों नहीं भेजा गया? चीन के षडयंत्रकारी हमले के बारे में पहले से जानकारी या सूचना सरकार के पास क्यों नहीं थी?
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कांग्रेस ने कहा कि आज हर मन इस बात से बेहद व्यथित है कि दिन-रात खुद के ‘मजबूत नेतृत्व’ का ढोल पीटने वाले दिल्ली के हुक्मरानों की कूटनीतिक चूक की कीमत देश को सैन्य अधिकारी व सैनिकों की शहादत से चुकानी पड़ी.