स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन का ऐलान किया. पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान के करीब आधे घर ऐसे हैं, जिनमें पीने का पानी उपलब्ध नहीं है. लोगों को पीने के पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ती है. इस संकट को दूर करने और हर घर में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन की शुरुआत करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस मिशन में केंद्र और राज्य सरकारें साथ में काम करेंगी. हमने 3.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रकम खर्च करने का संकल्प किया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस मिशन के तहत जल संचयन, समुद्री पानी या वेस्ट पानी को ट्रीटमेंट करना, बारिश के बूंद-बूंद पानी को रोकने का काम हो, पानी बचाने का अभियान जैसे कामों को करना होगा. अब हम ज्यादा इंतजार नहीं करेंगे.
50 फीसदी घरों में पीने का पानी उपलब्ध नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से कहा कि हमारी सरकार ने देश में गरीबी कम करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाए हैं. पीएम मोदी ने कहा कि अभी तक हर दल की सरकार ने देश की भलाई में कुछ ना कुछ किया है, लेकिन अभी भी 50 फीसदी लोगों के घरों में पीने का पानी उपलब्ध नहीं है. लोगों को पीने के पानी के लिए कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार अब हर घर में जल की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. पीएम ने इस दौरान जल जीवन मिशन का ऐलान किया और साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के बजट का ऐलान किया.
इसके तहत जल संचय, समुद्री पानी का इस्तेमाल, वेस्ट वाटर का इस्तेमाल, कम पानी में खेती के बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जाएगी. प्रधानमंत्री ने इस दौरान जिक्र किया कि एक संत ने सौ साल पहले ही कह दिया था कि एक दिन आएगा जब पानी किराने की दुकान में बिकेगा.
क्या है जल जीवन मिशन?
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बजट 2019 से पहले ही जल-शक्ति अभियान का आगाज किया था. इस मिशन के तहत इसके तहत देश के 256 जिलों के अधिक प्रभावित 1,592 खंडों पर जल संचयन पर जोर दिया जाएगा.
यह अभियान जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन, परंपरागत और दूसरे जल निकायों के नवीनीकरण, जल के दोबारा इस्तेमाल और ढांचों के पुनर्भरण, जलविभाजन विकास और गहन वनीकरण, पेयजल की सफाई पर केंद्रित रहेगा.
लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि जल संबंधी समस्याओं के निपटारे के लिए जल संसाधन और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालयों को मिलाकर जल शक्ति मंत्रालय जाएगा.