उत्तर प्रदेश में वर्ष 1991 से 2001 के बीच पुरुष महिला अनुपात में सुधार आया है और प्रदेश में लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम तथा गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम को सख्ती से लागू किया है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा के श्यामदेव राय चौधरी के तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में प्रदेश के परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने बताया कि वर्ष 1991 में प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 876 थी ,जो 2001 की जनगणना में बढ़कर 898 हो गयी थी.
कुशवाहा ने अनुपूरक प्रश्नों के उत्तर में बताया कि प्रदेश में लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम तथा गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लिंग परीक्षण और भ्रूण हत्या रोकने के लिये 7431 अल्ट्रासाउन्ड केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया और 428 केन्द्रों के विरद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद करवा दिया गया.
कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह के एक प्रश्न पर आये सरकारी उत्तर में बताया गया है कि प्रदेश सरकार के पास वर्तमान में छह विमान तथा चार हेलीकाप्टर हैं और इनके लिये ईधन पर वर्ष 2005 से लेकर 31 मार्च 2010 तक कुल 11.36 करोड़ रपए खर्च किये गये हैं.