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मौसम का रेड अलर्ट, अरुणाचल-असम-मेघालय के लिए अगले 48 घंटे भारी

मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया है. ऐसा पूर्वानुमान है कि इन सभी राज्यों में कई जगहों पर 20 से 25 सेंटीमीटर की बहुत भारी बारिश की खासी संभावना जताई जा रही है.

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20 से 25 सेंटीमीटर की बारिश की संभावना
20 से 25 सेंटीमीटर की बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया है. ऐसा पूर्वानुमान है कि इन सभी राज्यों में कई जगहों पर 20 से 25 सेंटीमीटर की बहुत भारी बारिश की खासी संभावना जताई जा रही है.

मौसम पर लगातार रखी जा रही है नजर
उधर दूसरी तरफ मौसम विभाग ने बिहार में 5 और 6 सितंबर को मूसलाधार बारिश की आशंका के चलते रेड वार्निंग जारी कर दी है. ऐसा अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं बिहार के ऊपर बने सर्कुलेशन के साथ मिलकर कई इलाकों में बहुत भारी बारिश दे सकती हैं. मौसम में हो रहे तेज बदलाव पर मौसम विभाग पूरी तरह से नजर रखे हुए है और किसी भी स्थिति के लिए प्रशासन को तैयार रहने की सलाह दी गई है.

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स्थानीय प्रशासन को दिया अलर्ट
उधर दूसरी तरफ केंद्रीय जल आयोग यानी सीडब्ल्यूसी ने असम, मेघालय और मणिपुर में बराक घाटी में हो रही भारी बारिश के मद्देनजर बराक नदी और इसकी सहायक नदियों के उफनने की आशंका जाहिर की है. सीडब्ल्यूसी ने असम के कछार, हेलाखंडी और करीमगंज में बाढ़ की आशंका के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है.

कई इलाको में आ सकती है बाढ़
ऐसा अनुमान है कि बराक कटाखाल नदी और कुशियारा नदी अगले दो से तीन दिनों के भीतर उफनकर कई इलाकों को अपनी बाढ़ में डुबो सकती है. इसके मद्देनजर संबंधित जिला प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है.

उत्तर भारत में आएगी हल्की-फुल्की बारिश
मौसम के जानकारों के मुताबिक उत्तर भारत में अब मानसून की हल्की-फुल्की बारिश ही देखी जाएगी. अगले 24 घंटों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम इलाकों में आसमान पूरी तरह से साफ हो जाएगा. और इसी के साथ में इन इलाकों में खिली धूप के चलते तापमान में भी इजाफा होगा.

ऐसा माना जा रहा है कि राजस्थान के ऊपर जल्द ही एंटी साइक्लोनिक सिस्टम बन जाएगा जो इस बात का साफ संकेत देगा कि मानसून अब उत्तर भारत से बोरिया बिस्तर समेटने की तैयारी में है.

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