मैंगलोर में हुए विमान हादसे को करीब 34 घंटे होने को हैं लेकिन अब भी हादसे में मारे गए 12 लोगों के शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है. एयर इंडिया के सीएमडी अरविंद जाधव ने कहा कि हादसे के दौरान शव इतनी बुरी तरह जल गए हैं कि इनकी शिनाख्त में मुश्किल हो रही है.
वैसे शवों की शिनाख्त के लिए हैदाराबाद से फोरेंसिक विशेषज्ञों का एक दल सुबह ही मैंगलोर पहुंच चुका है. उम्मीद की जा रही है कि डीएनए टेस्ट के बाद इन शवों की पहचान कर ली जाएगी.
इस बीच काफी मशक्कत के बाद आईएक्स 812 का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर ढूंढ लिया गया है. उम्मीद है कि इससे मैंगलोर में विमान हादसे की वजहों का पता लगाया जा सकेगा. ये हादसा पायलट की चूक से हुआ था, या फिर विमान में कोई तकनीकी गड़बड़ी की वजह से. अब इन सवालों के जवाब मिलने की संभावना नजर आ रही है.
{mospagebreak}दरअसल इस वॉयस रिकॉर्डर में हादसे से ठीक पहले हुई सारी बातचीत रिकॉर्ड हो जाती है. चाहे वो क्रू मेंबर्स की आपसी बातचीत हो या फिर पायलट की एटीसी से हुई बातचीत. ऐसे सारे ब्यौरे इस व्यॉस रिकॉर्डर से मिल सकते हैं. इससे हादसे की वजह का अनुमान लगाने में आसानी होगी.
क्रू मेंबर की आपसी बातचीत से पता चल सकता है कि उन आखिरी लम्हों में पायलट ने स्थिति से निपटने की क्या कोशिशें की थी. या फिर उसने कौई पैनिक संदेश भेजा था. इस बातचीत से ये भी अनुमान लगाया जा सकता है कि पायलट से कोई चूक हुई थी या नहीं.
अब खोज हो रही है ब्लैक बॉक्स के दूसरे हिस्से यानि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की. फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से हादसे से ठीक पहले विमान की सारी तकनीकी जानकारी हासिल की जा सकती है.
एयर इंडिया के सीएमडी अरविंद जाधव ने इस दुर्घटना के वयस्क मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रूपये दिए जाने की घोषणा की. 12 साल से कम उम्र के लोगों को 5 लाख रूपये दिए जाएंगे जबकि घायलों को 2-2 लाख अंतरिम राहत दिए जाने का एलान भी किया गया.