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रिटेल में FDI: मायावती ने नहीं खोले पत्ते

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि मल्टी ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के केंद्र के रुख का वह अभी समर्थन नहीं कर सकती हैं और उनकी पार्टी एफडीआई पर अपना अंतिम निर्णय संसद में मतदान के समय स्पष्ट करेगी.

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि मल्टी ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के केंद्र के रुख का वह अभी समर्थन नहीं कर सकती हैं और उनकी पार्टी एफडीआई पर अपना अंतिम निर्णय संसद में मतदान के समय स्पष्ट करेगी.

मायावती ने कहा कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई का मतलब है, देश में अधिक मुनाफे वाले क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को मुनाफा कमाने का अधिकार देनाय ऐसी स्थिति में ‘हमारी पार्टी और देश की जनता का मानना है कि इससे किसान, छोटे-छोटे दुकानदार और कुटीर उद्योग आदि तबाह हो जायेंगे.’

उन्होंने कहा कि इसका सीधा प्रभाव गरीब लोगों पर पड़ेगा, देश की अर्थव्यवस्था चरमरा जायेगी और देश फिर से विदेशी व्यापारियों के हाथों में चला जायेगी. आगे चलकर भारतीय अर्थव्यवस्था से छोटे कारोबारियों का अस्तित्व समाप्त हो जायेगा.

बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने से महंगाई कम होने की केंद्र सरकार की दलील को सिरे से खारिज करते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि सरकार का यह कहना सही नहीं है. जब तक उत्पादन नहीं बढेगा और लोगों को समुचित दर पर खाद्यान्न नहीं मुहैया होगा, तब तक महंगाई नहीं घटेगी.

संसद में बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर चर्चा का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा, ‘पार्टी इस विषय पर मतदान के समय संसद में अपना रूख तय करेगी.’

मायावती ने केन्द्र को सलाह दी, ‘केंद्र सरकार पहले कांग्रेस शासित राज्यों में एफडीआई के प्रभावों का अध्ययन करे और फिर संसदीय समिति से समीक्षा कराने के बाद ही इस पर कोई अंतिम निर्णय करे. क्योंकि इसके प्रभावों का अध्ययन किये बिना इस पर कोई फैसला करना ठीक नहीं है.’ उन्होंने कहा कि आज की स्थिति में पार्टी इसका प्रभाव देखे बिना इसका समर्थन नहीं कर सकती.

बसपा प्रमुख ने कहा कि केंद्र की इस नीति में एक ही सकारात्मक पहलु है कि इसमें ऐसी व्यवस्था है कि जो राज्य चाहे वही इसे लागू करे और किसी राज्य पर इसे थोपा नहीं गया है.

मायावती ने कहा कि इस विषय पर विचार करते हुए पार्टी के समक्ष एक अहम प्रश्न यह भी है कि क्या पार्टी सांप्रदायिक तत्वों की ओर से पेश प्रस्ताव के साथ खड़ी नजर आए.

उन्होंने कहा कि पार्टी इस बारे में केंद्र के जवाब का भी इंतजार कर रही हैय इस सभी विषयों को देखते हुए पार्टी संसद में मतदान के समय ही अपना रुख स्पष्ट करेगी.

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