एनएसजी चीफ जयंत चौधरी ने गुरुवार को ISIS और अल कायदा के साझा आतंकी प्लान को लेकर जो खुलासा किया, उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया है. गृह मंत्रालय का कहना है कि उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है. यह खबर एक अंग्रेजी अखबार ने दी है.
गृह मंत्रालय ने एनएसजी चीफ के दावों को खारिज करने के लिए दो दलील दी है. पहला यह कि आईएसआईएस और अल कायदा के बीच आतंकवाद का आका बनने की लड़ाई चल रही है. तभी तो आईएसआईएस की बढ़ती लोकप्रियता को मात देने के लिए अल कायदा ने भारतीय उपमहाद्वीप में अपने पांव पसारने का दावा किया था. संगठन के मुखिया अल जवाहिरी ने इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया था. ऐसे में दोनों के साथ आने पर सवालिया निशान है.
गृह मंत्रालय को एतराज इस बात को लेकर भी है कि आतंकवाद से जुड़ी खुफिया जानकारी देने का अधिकार एनएसजी चीफ के पास नहीं है. इस सिक्योरिटी एजेंसी की भूमिका किसी हमले के बाद आती है. उसे कोई खुफिया जानकारी भी नहीं दी जाती.
जयंत चौधरी ने दावा किया था, 'अल कायदा और आईएसआईएस देश के कई शहरों में हमला करने का साझा प्लान बना रहे हैं. अल कायदा भारत में आतंकी हमले करना चाहता है. ऐसे में वह अन्य आतंकी संगठन जैसे लश्कर ए तैयबा, आईएसआईएस और इंडियन मुजाहिदीन की मदद भी ले सकता है. अगर वह ऐसे ऑपरेशन को अंजाम देता है तो हमें कई शहरों में एक ही वक्त पर होने वाले आतंकी हमले के लिए तैयार रहना चाहिए.'