अलगाववादी भारत विरोधी भावनाएं भड़काने और लोगों को उकसाने के लिए हर परिस्थिति का फायदा उठाते हैं, इससे कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होती है. ये बातें केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने केवडिया, गुजरात में कहीं. समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा के स्थल पर पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे थे.
राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादियों और अलगाववादियों को सीमा पार से पैसा मिलना चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि ‘आतंकवादियों की बड़ी संख्या में घुसपैठ की कोशिश, समय-समय पर उनके हमले और स्थानीय स्तर पर रंगरुटों की भर्ती जारी है. पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवाद के बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण शिविर, लॉन्चिंग पैड और संवाद नियंत्रण केंद्र बने हुए हैं।’
गृह मंत्री ने सुरक्षा प्रतिष्ठानों से पंजाब में आतंकवाद के फिर से सिर उठाने के प्रयासों पर अंकुश लगाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पंजाब में हाल में आतंकवादी घटनाएं और संबंधित पाबंदियां इस बात की ओर संकेत करती हैं कि पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान और वहां के सिख चरमपंथी तत्व विदेशों खासकर यूरोप और अमेरिका में रह रहे सिख चरमपंथी संगठनों के सक्रिय सहयोग से पंजाब में आतंकवाद को बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का सत्ता प्रतिष्ठान भारतीय हितों को निशाना बनाने के लिए सिख चरमपंथी संगठनों, वहां के इस्लामिक संगठनों और कश्मीर केंद्रित आतंकवादी संगठनों के बीच साठगांठ कायम करने की कोशिश कर रहा है.
सिंह ने कहा कि मुख्य भूमि से आतंकवाद को उखाड़ फेंका गया है और खुफिया ब्यूरो के साथ समन्वय से कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस्लामिक स्टेट के दुष्प्रचार की लहर को विफल करने में कामयाब रही हैं.