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नोटबंदी ही नहीं, 8 नवंबर को हुई थीं ये 5 ऐतिहासिक घटनाएं

आठ नवंबर का दिन सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए खास है. इस दिन भारत में जहां नोटबंदी हुई, वहीं दुनिया में भी कई महत्वपूर्ण परिवर्तन इसी दिन हुए. पांच ऐसे कारण हैं जिनके लिए आठ नवंबर का दिन इतिहास में दर्ज हो गया है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

आठ नवंबर का दिन सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए खास है. इस दिन भारत में जहां नोटबंदी हुई, वहीं दुनिया में भी कई महत्वपूर्ण परिवर्तन इसी दिन हुए. पांच ऐसे कारण हैं जिनके लिए आठ नवंबर का दिन इतिहास में दर्ज हो गया है.

भारत में नोटबंदी

8 नवंबर का दिन फिलहाल भारत के लिए बेहद खास है. आज से ठीक एक साल पहले ने रात आठ बजे नोटबंदी का ऐलान किया था. उनके इस ऐलान से देशभर में खलबली मच गई थी. राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने 500 और 1000 रुपये के नोटों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का ऐलान कर दिया था.

अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति ट्रंप

पिछले साल 8 नवंबर को ही अमेरिकी जनता ने डोनाल्ड ट्रंप को अपना राष्ट्रपति चुना था. अमेरिका में पिछले साल 8 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव हुए थे. इस चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी की हिलेरी क्लिंटन को हराकर अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी. ट्रंप को जहां 288 इलेक्‍टोरल वोट मिले, वहीं हिलेरी सिर्फ 215 इलेक्टोरल वोट ही पा सकीं.

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आडवाणी का बर्थडे

भाजपा के मार्गदर्शक मंडल में शामिल पार्टी के ‘भीष्म पितामह’ लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 अक्टूबर को ही हुआ था. आज आडवाणी अपना 90वां जन्मदिन मना रहे हैं. आडवाणी 90 दृष्टिबाधित बच्चों के साथ अपना यह जन्मदिन मना रहे हैं. भाजपा को चार सांसदों वाली पार्टी से उठाकर आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनाने में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता.

एक्स-रे की खोज

चिकित्सा विज्ञान में अहम भूमिका निभाने वाली एक्स-रे की खोज भी 8 अक्टूबर को ही आज से ठीक 122 साल पहले की गई थी. जर्मन भौतिकविद विल्हेल्म कोनराड ने इसकी खोज की थी. कोनराड के सम्मान में इन किरणों को रॉन्टजन कहा जाता है. 1901 में रॉन्टजन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया था.

चंद्रमा की कक्षा में चन्द्रयान-1

भारत का पहला आज ही के दिन चन्द्रमा की कक्षा में पहुंचा था. साल 2008 में 22 अक्टूबर को इस यान को प्रक्षेपित किया गया था. 316 टन वजनी यह यान 44.4 मीटर लंबा था. इस यान के जरिए इसरो ने पहली बार एक साथ 10 उपग्रह एक साथ प्रक्षेपित किए थे.

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