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आबादी की आवाजाहीः 10 सालों में 37 लाख हिंदू भारत आए तो 53 लाख देश से बाहर गए

एक रिसर्च के अनुसार, जितनी हिंदू आबादी भारत आती है उससे कहीं ज्यादा यह आबादी देश से बाहर जा रही है. भारत और अमेरिका के बाद हिंदुओं की आबादी सबसे ज्यादा पड़ोसी देशों बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान जैसे देशों में बसी है.

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सांकेतिक तस्वीर (Getty Images)
सांकेतिक तस्वीर (Getty Images)

  • PEW: 10 सालों में 37 लाख हिंदू आबादी भारत आई
  • इस दौरान 53 लाख हिंदू देश से बाहर दूसरी जगहों पर गए

भारत सरकार ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को अपने देश में नागरिकता देने का कानून पास किया है, जिसको लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है. लेकिन प्रवासी हिंदुओं के बसने के आधार पर देखा जाए तो भारत को छोड़कर शीर्ष 6 देशों में बांग्लादेश और पाकिस्तान का नाम भी शामिल है जहां ये लोग जाकर बसे.

एक रिसर्च के अनुसार, जितनी हिंदू आबादी भारत आती है उससे कहीं ज्यादा यह आबादी देश से बाहर जा रही है. भारत और अमेरिका के बाद हिंदुओं की आबादी सबसे ज्यादा पड़ोसी देशों बंग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान जैसे देशों में बसी है.

सबसे ज्यादा भारत से बाहर गए हिंदू

अमेरिकी थिंक टैंक PEW के एक आंकड़े के मुताबिक करीब 37 लाख हिंदु आबादी भारत आई. जबकि 53 लाख हिंदू आबादी देश से बाहर दूसरी जगहों पर गई, लेकिन सबसे आश्चर्य की बात यह है कि भारत से बाहर जाने वाली ज्यादातर हिंदू आबादी बांग्लादेश, नेपाल या फिर पाकिस्तान गई.

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प्रवासी हिंदुओं के बसने के हिसाब से देखा जाए तो भारत में 3,660,000 लोग बसे, इसके बाद अमेरिका में 1,340,000 तो बांग्लादेश और नेपाल में 750,000-750,000 हिंदू जाकर बसे. इसके बाद सऊदी अरब, यूएई, पाकिस्तान, इंग्लैंड, कनाडा और श्रीलंका का नंबर आता है जहा पर हिंदू जाकर बसे.

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अगर हिंदू आबादी को दूसरे देशों में जाकर बसने के दर पर नजर डाली जाए तो भारत के हिंदू सबसे ज्यादा दूसरे देशों में जाकर बसते हैं. 53,30,000 भारतीय हिंदू दूसरे देश में जाकर बसे. भारत के बाद इस मामले में बांग्लादेश का नंबर आता है. बांग्लादेश से 27 लाख 60 हजार हिंदु दूसरे देशों में जाकर बसे.

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इस मामले में बांग्लादेश के बाद पाकिस्तान का नंबर है जहां से 8 लाख हिंदू दूसरे देश गए. नेपाल इस मामले में चौथे पायदान पर है जहां से 7 लाख 20 हजार हिंदू अपने देश से निकल कर दूसरे देश में जाकर बस गए.

PEW का 10 साल का अध्ययन

अमेरिकी थिंक टैंक का कहना है कि PEW ने 10 साल यानी 2000 से 2010 के बीच हिंदू प्रवासियों की संख्या का अध्ययन किया है. हालांकि सभी देशों में आबादी से जुड़े आंकड़े समान रूप से मौजूद नहीं हैं.

PEW ने सभी आंकड़ों की समय सीमा को एक आधार पर लाने के लिए संयुक्त राष्ट्रसंघ के 2010 के अनुमानों को मिलाकर आंकड़े तैयार किया है.

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