गुर्जरों ने अपनी जिद के आगे राजस्थान सरकार को घुटने टेकने पर भले ही मजबूर कर दिया हो, पर कानून हाथ में लेने के चलते कोर्ट उन्हें बख्शने के मूड में नहीं है. मामले पर बड़ा फैसला देते हुए हाई कोर्ट ने करने का आदेश दिया है.
याद रहे कि हाई कोर्ट ने आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे गुर्जर समुदाय के लोगों को रेल की पटरियों से हटने का आदेश दिया था. लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इसे नहीं माना था. शुक्रवार को कोर्ट की कार्यवाही में मुख्य सचिव और डीजीपी पेश हुए. हाई कोर्ट ने . साथ ही बैंसला के खिलाफ कोर्ट की अवमानना के मामले में अब 29 मई को सुनवाई होगी.
गौरतलब है कि सरकार गुर्जरों को सरकारी नौकरी में पांच फीसदी आरक्षण देने पर राजी हो गई है. गुर्जर नेताओं और सरकार की गुरुवार को हुई बाचतीच में इस पर सहमति बन गई और राजस्थान सरकार ने इस बारे में विधेयक लाने की बात कही है. दिलचस्प है कि दोपहर तक , लेकिन शाम ढलते-ढलते गुर्जर नेताओं और राजस्थान सरकार के बीच बातचीत पर सहमति बन गई.