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जस्टिस रंजीत सिंह आयोग पर टिप्पणी मामले में सुखबीर बादल को हाईकोर्ट से जमानत

जस्टिस रंजीत सिंह आयोग के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है.

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जस्टिस रंजीत सिंह आयोग के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है. जमानत के बाद अब दोनों नेताओं को एक-एक लाख का निजी मुचलका भरना होगा.

कोर्ट ने दोनों नेताओं को हिदायत दी और कहा कि न्यायपालिका का इस तरह से मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए, न ही इसे तबाह करना चाहिए. मर्यादा के दायरे में ही रहकर सबको बोलने का अधिकार दिया जा सकता है. इस मामले की अगली सुनावाई 21 अगस्त को होगी.

दरअसल, पंजाब सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों और उसके बाद की गई पुलिस फायरिंग के मामलों की जांच के लिए जस्टिस रंजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया था. सुखबीर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया ने आयोग की रिपोर्ट का मजाक उड़ाया था. रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई.

मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट से बाहर निकले सुखबीर बादल ने कहा कि उन्होंने कभी भी न्यायपालिका का मजाक नहीं बनाया है और वह दोनों कानून का बहुत सम्मान करते हैं और उन्हें उम्मीद है कि न्यायालय से उनको न्याय मिलेगा.

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