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अब मेट्रिमोनियल वेबसाइट करेंगी दूल्हों का वेरिफिकेशन

शादी के मामलों में आए दिन कई लड़कों के ि‍ख‍लाफ लड़कियां उत्पीड़न और शोषण की शिकायतें दर्ज कराती हैं. ऐसे तमाम मामलों से निपटने के लिए अब वूमैन और चाइल्ड डेवलेपमेंट मिनिस्ट्री (डब्ल्यूसीडी) सामने आई है.

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Symbolic Image
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शादी के मामलों में आए दिन कई लड़कों के ि‍ख‍लाफ लड़कियां उत्पीड़न और शोषण की शिकायतें दर्ज कराती हैं. ऐसे तमाम मामलों से निपटने के लिए अब वुमन और चाइल्ड डेवलपमेंट मिनिस्ट्री (डब्ल्यूसीडी) सामने आई है. मिनिस्ट्री ने मेट्रिमोनियल वेबसाइट को सुझाव दिया है कि लड़कों के रेजिस्ट्रेशन के वक्त उनसे एक आइडेन्टि‍फिकेशन फॉर्म भरवाया जाए. इसकी शुरुआत आधार कार्ड या पैन कार्ड जैसी होगी.

हाल ही में मैट्रिमोनिअल वेबसाइट और डब्ल्यूसीडी की मिनिस्टर मेनका गांधी के बीच हुई एक मुलाकात के दौरान ऐसे तमाम सुझाव दिए गए, लेकिन अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. एक सूत्र के मुताबिक, 'मिनिस्ट्री ये जानना चाहती थी कि क्या वेबसाइट लड़कों की हरकतों से रूबरू हैं और वो लड़कों की निकली आइडेंटिफिकेशन रोकने के लिए क्या कदम उठा सकती हैं.

अभी तो इस वेबसाइट पर रेजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ एक मोबाइल नंबर मांगा जाता है. हालांकि तकनीकी रूप से मिनिस्ट्री का इसमें कोई दखल नहीं होना चाहिए. लेकिन इस पहल का कारण उस लड़कों को पकड़ना है, जो शादीशुदा होते हुए भी अपने आप को सिंगल बताते हैं और लड़कियों के साथ धोखेबाजी करते हैं.

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