गुरुवार का दिन महंगाई का डबल झटका देने वाला हो सकता है. बुधवार को रेल किराए में बढ़ोत्तरी के ऐलान के बाद अब डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है. डीजल व रसोई गैस की कीमतों के संदर्भ में गुरुवार को कैबिनेट की एक बैठक होने वाली है. इस बैठक में कीमतें बढ़ाए जाने संबंधी फैसला लिया जा सकता है.
सूत्रों के मुताबिक बढ़ते वित्तीय घाटे को कम करने के लिए सरकार पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ा सकती है. इसीलिए डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोत्तरी संभव है.
डीजल में 3 रुपए तक की बढ़ोत्तरी संभव
सूत्रों के मुताबिक डीजल के दामों में 3 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोत्तरी की जा सकती है. दिल्ली में डीजल के दाम 47 रुपए 15 पैसे प्रति लीटर हैं. अगर बढ़ोत्तरी हुई तो 50 रुपए 15 पैसे प्रति लीटर हो जाएगा डीजल. मुंबई में 53 रुपए 14 पैसे में बिक रहा डीजल बढ़ोत्तरी के बाद 56 रुपए 14 पैसे में बिकेगा. अगर बढ़ोत्तरी हुई तो कोलकाता में 50 रुपए 98 पैसे में बिक रहा डीजल 53 रुपए 98 पैसे यानी करीब 54 रुपए हो जाएगा.
आम आदमी पर पड़ेगा सीधा असर डीजल के रेट बढ़ने से सीधी मार आम आदमी पर पड़ेगी, क्योंकि डीजल के दाम बढ़ने के साथ ही ट्रांसपोर्ट महंगा हो जाता है, और माल ढुलाई के महंगा होते ही सब कुछ महंगा हो जाता है.
सब्सिडी वाले सिलेंडर भी हो सकते हैं महंगे
डीजल के साथ-साथ सरकार रसोई गैस को भी माचिस दिखाने जा रही है. अब सब्सिडी वाले सिलेंडर भी महंगे हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 120 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी हो सकती है. यानी जो सब्सिडी वाला सिलेंडर अभी तक 415 रुपए 50 पैसे का पड़ता है, सब्सिडी वाला वही गैस सिलेंडर बढ़ोत्तरी के बाद 535 रुपए 50 पैसे का मिलने लगेगा. हालांकि सरकार सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की संख्या बढ़ाकर लोगों को थोड़ा राहत देने के मूड में भी है. सूत्रों के मुताबिक नए वित्तीय वर्ष से सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की संख्या को 6 से बढ़ाकर 9 किया जा सकता है.
केलकर समिति की सिफारिशें
सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्रालय ने दाम बढ़ाने का ये प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेज भी दिया है. इसके साथ ही केंद्र सरकार विजय केलकर समिति की सिफारिशों पर भी गौर कर सकती है. केलकर समिति ने डीजल की कीमतों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के साथ-साथ घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने की सिफारिश की थी.