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दिग्विजय से मिले गोरक्षक, संसद में गोहत्या पर पूर्ण बैन का मुद्दा उठाने की रखी मांग

दिग्विजय ने आश्वासन दिया और कहा, 'मैं हिन्दू हूं आपके साथ हूं इस मुद्दे को लेकर आलाकमान से बात करूंगा'.

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दिग्विजय सिंह दिग्विजय सिंह

परंपरागत वेशभूषा में दिग्विजय से मिलने हैदराबाद का एक गोरक्षक दल आया. मुलाकात के दौरान इस दल ने दिग्विजय से कहा कि मोदी सरकार का आधा कार्यकाल बीत गया है, लेकिन गोहत्या पर पूर्ण बैन और गाय को शाकाहारी राष्ट्रीय पशु घोषित करने की हमारी मांग पूरी नहीं हुई. हमने जंतर-मंतर पर धरना भी दिया और पीएम मोदी को ज्ञापन भी सौंपा. अब हम चाहते हैं कि कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में उठाए, जिससे मोदी सरकार पर दबाव बढ़े. दल ने इस बावत दिग्विजय को ज्ञापन भी सौंपा. जवाब में दिग्विजय ने आश्वासन दिया और कहा, 'मैं हिन्दू हूं आपके साथ हूं इस मुद्दे को लेकर आलाकमान से बात करूंगा'.

1930 में ही कांग्रेस कार्यसमिति ने गोहत्या पर बैन का प्रस्ताव पास किया था. कांग्रेस की ही राज्य सरकारों ने सबसे पहले गोहत्या पर बैन लगाया था, इंदिरा गांधी भी इसकी हिमायती थीं, इसलिए मैं इस मामले पर पार्टी हाई कमान से चर्चा करूंगा, जिसके बाद सहमति बनी तो संसद में भी मामला उठाऊंगा. साथ दिग्विजय ने गोरक्षकों से कहा कि बीजेपी, विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के लोग गौरक्षा के नाम पर सिर्फ उगाही करते हैं. दिग्विजय को ज्ञापन देने के बाद गौरक्षकों ने कहा कि एक दिन पहले हमने ज्ञापन देने के लिए वक्त मांगा और मिल गया. दिग्विजय सिंह ने हमको व्यक्तिगत सहमति भी दे दी. लेकिन हमको तो इंतजार आश्वासन पूरा होने का ही रहेगा.

गौरतलब है कि अपनी छवि बदलने में जुटी कांग्रेस मौका मिलने पर हिन्दू कार्ड खेलने का कोई मौका नहीं चूकना चाहती, लेकिन मामला धर्म से जुड़ा है सो हर कदम फूंक-फूंक कर ही उठाना चाहती है, इसलिए दिग्विजय ने व्यक्तिगत सहमति देने के बावजूद पार्टी के भीतर और आलाकमान से चर्चा करने की बात कहकर वो वक्त मांग लिया, जिसमें वो सियासी माथापच्ची कर सकें.

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