विदेशी नागरिकों द्वारा बच्चों को गोद लेने के बारे में पात्रता तय करने के संबंध में बम्बई उच्च न्यायालय की ओर से नियुक्त समिति द्वारा तैयार मसौदा दिशानिर्देश में कहा गया है कि एकल अभिभावक गोद लेने के पात्र हैं लेकिन समलैंगिक जोड़ा बच्चा गोद नहीं ले सकता है.
समिति ने यह भी कहा है कि गोद लेने वाले बच्चे का किसी मनोचिकित्स से परीक्षण कराया जायेगा. इन दिशा निर्देशों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है. इसके तहत किसी भी मामले के संकट में पड़ने की स्थिति में भारतीय उच्चायोग की भूमिका की संभावना तलाशी जा रही है.