दक्षिण के गृहयुद्ध में फंसे भारतीयों के लिए शुरू किया गया 'ऑपरेशन संकटमोचन' पहला पड़ाव पार कर गया है. सुबह 4.30 बजे दक्षिण सूडान से 143 लोगों को लेकर पहली फ्लाइट त्रिवेंद्रम पहुंची. अब दूसरी फ्लाइट के 11 बजे तक आने की संभावना है.
जिन 143 लोगों को लाया गया है, उनमें से 2 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं. इसके अलावा 10 महिलाएं और 3 बच्चें भी शामिल हैं. भारतीयों को लिए पहली फ्लाइट में जनरल वीके सिंह भी थे. बता दें कि ऑपरेशन संकटमोचन की कमान जनरल वीके सिंह को ही दी गई है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने गुरुवार को ही ट्वीट कर इसकी जानकारी दे दी थी.
Opn . Some more pics from the arrival in Thiruvananthapuram
— Vikas Swarup (@MEAIndia)
Opn On Indian soil at last! Scenes from the arrival of evacuees in Thiruvananthapuram
— Vikas Swarup (@MEAIndia)
Operation
— Vikas Swarup (@MEAIndia)
Leading from the front! addresses evacuees onboard the C17
Some more pics from
— Vikas Swarup (@MEAIndia)
जूबा शहर के कई हिस्सों में पूर्व विद्रोही और सैनिकों के बीच भारी संघर्ष जारी है. विदेश मंत्रालय के अनुसार दक्षिण सूडान में करीब 600 भारतीय हैं. इनमें से 450 जूबा में और करीब 150 राजधानी के बाहर हैं. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अभी तक करीब 300 भारतीयों ने वहां से निकाले जाने के लिए भारतीय दूतावास में पंजीकरण कराया है.