केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और राहुल गांधी के बीच गुरुवार को फिर से ट्विटर पर जंग देखने को मिली. जेटली ने राहुल को नोटबंदी के मामले पर अल्पज्ञान का तंज कसा, वहीं राहुल बोले कि लगता है कि आपके बॉस ने जेपीसी का गठन करने से इनकार कर दिया है.
इससे पहले, नोटबंदी और राफेल विमान सौदे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हमले पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सिलसिलेवार जवाब देते हुए कहा है कि अल्प ज्ञान खतरनाक होता है.
वित्त मंत्री जेटली ने अपने ट्वीट में लिखा, "अल्प ज्ञान खतरनाक होता है. राहुल गांधी की कल्पना कि 'नोटबंदी एनपीए खाताधारकों की मदद के लिए थी', यह भूल जाते हैं कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए शोधन अक्षमता कानून (IBC) यानी बैंकरप्सी कानून के चलते एनपीए बकाएदारों की कंपनियां चली गईं."
.Little knowledge is dangerous. ’s fiction on ‘demonetisation helping NPA holders’, forgets that the Modi Government legislated and enforced the IBC where the NPA defaulters lost their companies.
— Arun Jaitley (@arunjaitley)
जेटली ने राफेल मुद्दे पर पलटवार करते हुए आगे लिखा, "राफेल पर मेरे सवालों में उठाए गए मुद्दे से भटकाने की राहुल गांधी की कोशिश राफेल पर उनके झूठ को मिटा नहीं सकता."
.Any issue diversion by on my Rafale questions, will not wipe out his falsehood on Rafale.
— Arun Jaitley (@arunjaitley)
जेटली ने अगले ट्वीट में लिखा, "राहुल गांधी ने मेरे सवाल नहीं पढ़े- 2016 में पूरी तरह से हथियारों से लैस राफेल विमान की कीमत 2007 में प्रस्तावित कीमत से 20 फीसदी कम है. 2015 में प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति के बयान में कहा गया है, '2007 के प्रस्ताव से बेहतर होने की शर्त पर'.
. has not read my question-The fully weaponised Rafale air craft’s 2016 price is 20% cheaper than the 2007 offer. This is what the 2015 statement of the PM and the French President refers to as ‘on terms better than the 2007 offers’.
— Arun Jaitley (@arunjaitley)
वित्त मंत्री के ट्वीट का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा, "प्रिय जेटली जी, मेरा अनुमान है कि आपके बॉस ने ग्रेट राफेल रॉबरी पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के गठन से इनकार कर दिया है? बहुत कुछ छिपाने को है, जनता का सामना करने का बहुत डर है, ऐसा मुझे लगता है...."
Dear Mr Jaitley,
I guess your boss refused to hold a Joint Parliamentary Committee on the GREAT RAFALE ROBBERY? Too much to hide, too scared to face the people, I suppose...
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi)
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10-11 अप्रैल, 2015 के फ्रांस दौरे के दौरान भारत-फ्रांस की ओर से जारी संयुक्त बयान वाला दस्तावेज पेश किया था. उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री जी जो आज कह रहे हैं कि मुझे बात समझ नहीं आ रही, लेकिन उनके संयुक्त बयान में ही लिखा है कि विमानों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.