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फैक्ट चेक: PM मोदी पर भाषण में गाली देने का आरोप गलत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के पाटन में रैली की. इस रैली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो के लिए दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में गाली का इस्तेमाल किया.

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पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो- PTI) पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो- PTI)

चुनाव प्रचार में मशगूल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के पाटन में रैली की. इस रैली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. करीब 15 सेकेंड के इस वीडियो के लिए दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में गाली का इस्तेमाल किया.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. मोदी ने पाटन में गुजराती में स्पीच दी थी और इस दौरान उन्होंने कोई अपशब्द का इस्तेमाल नहीं किया.

वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

खुद को पॉलिटिकल एनालिस्ट और कांग्रेस का समर्थक बताने वाले 'गौरव पांधी' ने फेसबुक पर यह वीडियो डालते हुए अंग्रेजी में कैप्शन लिखा जिसका हिंदी अनुवाद है: "प्रधानमंत्री जी यह किस तरह की भाषा है? क्या देश के प्रधानमंत्री को सार्वजनिक रूप से इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना शोभा देता है? विश्वास नहीं हो रहा, कम-से-कम अपनी कुर्सी का तो सम्मान करें." वीडियो के ऊपर लिखा गया है 'मोदी सेड बीसी एट रैली'. गौरव ने यह वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया है. खबर लिखे जाने तक वीडियो को करीब 1100 बार रीट्वीट किया जा चुका था.

फेसबुक यूजर्स 'Varun Singh' और 'Akbar Owaisi ' ने भी इस वीडियो को शेयर किया है.

वायरल वडियो में पीएम पानी की समस्या के बारे में बात करते नजर आ रहे हैं, लेकिन वीडियो के अंत में मोदी के कुछ शब्दों को बार-बार दोहरा कर सुनाया गया है, जिसके चलते ऐसा प्रतीत होता है कि पीएम गाली दे रहे हैं. मोदी की यह स्पीच गुजराती में है और वे थाड़ी तेजी से बोल रहे हैं. हालांकि पीएम मोदी की ओरिजनल स्पीच को जब ध्यान से सुना गया तो हमने पाया कि पीएम ने गाली नहीं दी.

मोदी ने स्पीच में गुजराती में कहा: "लोको एम कहे छे भविष्य मा लड़ाई पाणी नी थवेन छे, आल्या बधा कहो छो पाणी लड़ाई थवाएन छेओ तो पाछी पाणी पेहला पाल केम न बांधिए..." असल में पीएम ने गुजराती का एक मुहावरा बोला जिसका अर्थ है "अगर हमें पता है कि भविष्य में पानी को लेकर लड़ाई होने वाली है तो इसके लिए पहले से सावधानी क्यों न बरती जाए."

वायरल वीडियो में "लड़ाई थवाएन छे" शब्दों को बार बार दोहराया गया है, ताकि यह गाली की तरह सुनाई दे. हालांकि, जब हमने इन शब्दों का अर्थ गूगल ट्रास्लेशन की मदद ढूंढा तो पाया कि इसका अर्थ होता है "होने वाली है".

पीएम मोदी का पूरा भाषण यहां देखा जा सकता है.

फैक्ट चेक

फेसबुक यूजर गौरव पांधी

दावा

पीएम मोदी ने गुजरात के पाटन में रैली को संबोधित करते हुए दी गाली

निष्कर्ष

पीएम मोदी ने पाटन में गुजराती में रैली को संबोधित किया था. उन्होंने अपने संबोधन में गाली का इस्तेमाल नहीं किया. वायरल वीडिया में उनके शब्द "लड़ाई थवाएन छे" को गाली बताया गया है, जबकि इसका अर्थ होता है "लड़ाई होने वाली है".

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
फेसबुक यूजर गौरव पांधी
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