मुंबई में शुक्रवार को दूसरे दिन भी असाधारण हाईटाइड देखा गया, जिनके कारण शहर के तटीय इलाकों में कुछ नुकसान हुआ लेकिन शहर में भारी बारिश नहीं होने से बाढ़ की कोई स्थिति नहीं है. शहर में हाईटाइड के कारण दीवार गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक 25 वर्षीय युवक की मौत हो गयी और नौ अन्य घायल हो गये.
वरली के सदानंद आसू टंडेल मार्ग पर शुक्रवार तड़के एक 70 फुट उंची दीवार के गिरने से सोनू यादव की मौत हो गयी और छह अन्य घायल हो गये. घायलों को केईएम और नायर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घाटकोपर के बार्वे नगर में दीवार ढहने की एक अन्य घटना में तीन लोग घायल हो गये. उन्हें राजवाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हाईटाइड को देखने के लिए शहर के अनेक हिस्सों में समुद्र तटों पर हजारों उत्सुक लोगों को देखा गया. सबसे उंचा ज्वार दोपहर बाद 2 बजकर तीन मिनट पर 5.05 मीटर का मापा गया.
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने समय पर कदम उठाते हुए तटीय इलाकों के पास के निचले इलाकों से लोगों को हटाने का काम शुरू कर दिया है. निगम के अधिकारियों के अनुसार वरली इलाके से 400 से अधिक नागरिकों को मार्कंडेश्वर मंदिर भेजा गया था और जलस्तर घटने के बाद वापस भेजा दिया गया. इसी तरह वरसोवा से भी लोगों को एक सरकारी स्कूल में रखा गया. अतिरिक्त निगम आयुक्त एम. महाइस्कर ने कहा, ‘‘हमारे अधिकारियों को वरसोवा, कफ परेड, बांद्रा बैंडस्टैंड और वरली सरीखे इलाकों में लोगों को ज्वार आने से पहले हटाने के लिए सतर्क किया गया है.
मिलन सबवे, परेल, माहिम और मालाबार हिल सहित निचले अन्य इलाकों में भी लोगों को सतर्क कर दिया गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा सौभाग्य है कि हाई टाइड के समय बारिश नहीं हुई, नहीं तो स्थिति बदतर हो सकती थी.’’ उन्होंने कहा कि मौसम विज्ञान के अधिकारियों ने भारी बारिश की संभावना कम ही जतायी है और चिंता की कोई बात नहीं है. रेल और हवाई यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ लेकिन कोई बड़ी घटना की खबर नहीं है. कोलाबा और सांताक्रूज में सुबह साढ़े आठ बजे से सायं साढ़े पांच बजे तक 0.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी. नगर निगम ने कल अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर 4.94 मीटर का एक अन्य ज्वार आने की संभावना जतायी है.