पूरे देश में सुबह से दिख रहा ईद का उत्साह, राजनाथ ने कश्मीरियों को दी बधाई
दिल्ली के जामा मस्जिद में तो सुबह से ही नमाजियों का पहुंचना शुरू हो गया. बड़े, बूढ़े-बच्चे सभी नए-नए कपड़े पहन कर मस्जिद पहुंचे. बच्चों में ईद को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्साह है. ईद की पवित्र नमाज के बाद उन्हें ना सिर्फ ढ़ेर सारे लजीज पकवानों का इंतजार रहता है बल्कि ईदी की भी चाहत रहती है.
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दिल्ली के जामा मस्जिद में ईद की नमाज अता करने जुटे लोग
पूरे देश में आज ईद का जश्न मनाया जा रहा है. दिल्ली के जामा मस्जिद से लेकर भोपाल के ईदगाह में ईद की नमाज अता की गई. नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की बधाई भी दी. दिल्ली के जामा मस्जिद में सुबह-सुबह नमाजियों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी. देश और दुनिया में लोग एक दूसरे को ईद की बधाई दे रहे हैं. इस मौके पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर के लोगों को ईद की बधाई दी.
I wish our brothers, sisters and dear kids of Kashmir a very happy Eid from the bottom of my heart: Home Minister Rajnath Singh
— ANI (@ANI_news)
इसके अलावा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी ट्वीट कर देशवासियों को ईद की बधाई दी. उन्होंने लिखा, "ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं! यह शुभ दिन हमारे समाज में शांति और भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाएगा."
Eid-ul-Fitr greetings! May this auspicious day further the spirit of peace and brotherhood in our society, tweets PM Narendra Modi.
— ANI (@ANI_news)
नफरती
हिंसा का शिकार हो चुके जुनैद के घर और हरियाणा के उसके गांव में ईद के
दिन मातम पसरा है. उल्लास और उमंग के त्यौहार ईद के मुबारक मौके पर बेटे को
याद कर मां शायरा के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे. पिता जलालुद्दीन
बदहवास हैं. ईद के त्यौहार के दिन पूरे गांव में सन्नाटा है और परिवार बेटे
की मौत इंसाफ मांग रहा है. ईदगाह पहुंचे सभी गांव वालों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांध कर नमाज अता की और जुनैद की हत्या का विरोध किया. हरियाणा के डीसीपी विष्णु दयाल ने कहा कि वारदात रात में हुई और दूसरा ट्रेन में मौजूद लोगों को भी मदद करनी चाहिए थी. साथ ही कहा कि खांडावली गांव के लोगों ने काली पट्टी नहीं बांधी, बल्कि बाहर से लोग इस गांव में काली पट्टी बांधकर आए हैं. हालांकि आजतक ने गांव के उन लोगों से भी बातचीत की, जिन्होंने काली पट्टी बांधी थी. उनका कहना था वो इसी गांव से ताल्लुक रखते हैं ना कि बाहर के हैं.
सुबह से ही ईद का उल्लास
दिल्ली के जामा मस्जिद में तो सुबह से ही नमाजियों का पहुंचना शुरू हो गया. बड़े, बूढ़े-बच्चे सभी नए-नए कपड़े पहन कर मस्जिद पहुंचे. बच्चों में ईद को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्साह है. ईद की पवित्र नमाज के बाद उन्हें ना सिर्फ ढ़ेर सारे लजीज पकवानों का इंतजार रहता है बल्कि ईदी की भी चाहत रहती है.
दिल्ली में तैयारियां जोरों पर ईद की खातिर पुरानी दिल्ली समेत दिल्ली के अन्य इलाकों में इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं. क्या घर क्या गलियां सभी जगह इसकी झलक देखने को मिल रही है. खासकर पुरानी दिल्ली की गलियों का नजारा देखने लायक है.
जमकर हुई खरीददारी रविवार शाम जामा मस्जिद का पूरा पूरा इलाका मेले में तब्दील हो गया. बाजार पूरे उफान पर रहा. कहीं लोग ईद की नमाज अता करने के लिए रंग बिरंगी टोपियां खरीद रहे थे तो कोई कुर्तों की खरीदारी में जुटा था. हर कोई यह सुनिश्चित करने में लगा था कि किसी तरह भी ईद के स्वागत में कोई कमी न रह जाए.
आ गई ईद महीने भर के रोजे रखने के बाद ईनाम के तौर पर आई है ईद. चाहे गहनों की दुकान हो या फिर कपड़ों की हर जगह जगह दुकानदार महिलाओं से घिरे दिखे. चांद दिखने के साथ ही खरीदारी का दौर देर रात तक चला.
जामा मस्जिद, चितली कब्र, मटिया महल, चूड़ीलवालान, तिराहा बैरम खान, अमहद खां बाजार पूरी रातभर गुलजार रहे. ईद की रौनक के चलते पूरा इलाका रौशन रहा. बाजार समेत पुरानी दिल्ली के बाजारों में हर समय ग्राहकों की भीड़ लगी रही.
इस मौके पर छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं में ईद के लिए खासा उत्साह देखने को मिला. इन जगहों पर दिल्ली के अन्य इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं. इसलिए ईद को भुनाने के लिए कपड़े, इत्र समेत खाने की चीजों पर भी आफरों की भरमार देखने को मिली.