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टीडीपी सांसद वाई एस चौधरी के ठिकानों पर ED की छापेमारी, 6 लग्जरी कारें जब्त

आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने तेलगू देशम पार्टी(टीडीपी) के सांसद वाई एस चौधरी के ठिकानों पर छापा मारा है. बता दें कि वाई एस चौधरी मोदी सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वह राज्य सभा में पार्टी के सांसद हैं.

टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी (फाइल फोटो) टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी (फाइल फोटो)

आयकर विभाग(आईटी) और प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद वाई एस चौधरी के हैदराबाद स्थित ठिकानों पर छापा मारा है. वाई एस चौधरी के ठिकानों पर ये छापेमारी शुक्रवार और शनिवार दो दिन तक चली. बता दें कि वाई एस चौधरी मोदी सरकार में मंत्री रह चुके हैं. वह राज्य सभा में टीडीपी के सांसद हैं.

चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में की गई. ईडी ने टीडीपी सांसद की 6 महंगी कारें जिसमें फरारी, रेंज रोवर, बेंज शामिल हैं जब्त कर ली हैं. ईडी का आरोप कि सुजाना ग्रुप कंपनी ने 5700 करोड़ से ज्यादा का फर्जीवाड़ा किया है. बता दें कि वाईएस चौधरी सुजाना ग्रुप कंपनी के मालिक हैं.

वाईएस चौधरी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के करीबी बताए जाते हैं. पूर्व मंत्री के ठिकानों पर छापे के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि टीडीपी नेताओं पर मोदी सरकार द्वारा मारे जा रहे छापे यह साफ करते हैं कि अगर एक बार किसी ने बीजेपी का विरोध करना शुरू कर दिया तो शिकारी आपके तेजी से पीछे पड़ जाएंगे. जैसे कि मैं पहले ही सुझाव दे चुका हूं कि राज्य केंद्रीय जांच एजेंसियों पर अपने यहां प्रवेश करने पर बैन लगा दें.

बता दें कि छापेमारी के कुछ दिनों पूर्व ही मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रदेश में सीबीआई के प्रवेश पर रोक लगा दी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि मोदी सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल जिसमें सीबीआई भी शामिल है वह राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कर रही है. पिछले महीने भी टीडीपी के एक सांसद सीएम रमेश के ठिकानों पर छापा पड़ा था. वे भी चंद्रबाबू नायडू के करीबी बताए जाते हैं.

वाईएस चौधरी केंद्रीय कैबिनेट में राज्य मंत्री थे. उन्होंने मार्च तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला. बाद में टीडीपी ने एनडीए से आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा मांगते हुए अपना समर्थन वापस ले लिया था.

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