भूकंप नेपाल में अपना रौद्र रूप दिखा रहा है. लेकिन यह कभी भी हिंदुस्तान में भी तबाही मचा सकता है. जानकारों के मुताबिक, कम से कम अगले दो महीने से लेकर आने वाले एक साल तक भारत को रहने की जरूरत है.
दशकों से दुनिया भर में आने वाले भूकंपों और का अध्ययन करने वाले देहरादून के वाडिया इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है. उनकी मुताबिक, अगर आपका मकान पुराना है या उसमें दरारे हैं तो यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है.
जानकारों के मुताबिक, नेपाल में 25 अप्रैल को आए भूकंप के बाद धरती में जितनी एनर्जी जमा हो चुकी है, वह कम से कम अगले दो महीने तक यूं ही भूकंप के झटकों के रूप में बाहर निकलती रहेगी. हिमालयी बेल्ट में मौजूद हिंदुस्तान के तमाम राज्य भूकंप के खतरों वाले जोन चार और पांच में है और यहां पुरानी और जर्जर इमारतों की तादाद भी काफी है.
नेपाल में मंगलवार दोपहर 12:38 पर आए 7.3 की तीव्रता के भूकंप के बाद महसूस किए गए. वैज्ञानिकों के मुताबिक, हिमालयी बेल्ट से लगते हिन्दुस्तानी राज्यों के लिए ये संकेत अच्छे नहीं है. वाडिया इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिक डॉ. अजय पॉल का मानना है कि इतने ताकतवर झटके दिल्ली, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, बिहार और उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए ठीक नहीं हैं. भूकंप के नजरिये से अतिसंवेदनशील राज्यों में ये झटके कभी भी कहर बरपा सकते हैं.