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HC का फैसला-नीट में शामिल हो सकेंगे ओपन स्कूल के 12वीं के छात्र

कोर्ट ने सीबीएसई के उस फैसले को बहाल रखा है जिसके तहत नीट 2018 में शामिल होने के लिए सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए अधिकतम 25 साल और आरक्षित वर्ग के लिए 30 साल उम्र सीमा तय कर चुका है.

दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल ओपन स्कूल समेत अन्य ओपन स्कूलों से 12वीं कक्षा पास करने वाले छात्रों को राष्ट्रीय पात्रता- सह- प्रवेश परीक्षा (नीट) 2018 में आवेदन करने की अनुमति देने के अपने अंतरिम आदेश को बहाल रखा है. जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस चंद्रशेखर की बेंच ने सीबीएसई के उस निर्णय को रद्द कर दिया है जिसके तहत ओपन स्कूल से 12वीं पास करने वाले छात्रों को नीट परीक्षा में शामिल होने से वंचित कर दिया गया था.

हालांकि कोर्ट ने सीबीएसई के उस फैसले को बहाल रखा है जिसके तहत नीट 2018 में शामिल होने के लिए सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए अधिकतम 25 साल और आरक्षित वर्ग के लिए 30 साल उम्र सीमा तय कर चुका है. इसके अलावा हाईकोर्ट ने तय सीमा से अधिक उम्र के छात्रों को आवेदन करने और परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देते हुए यह साफ कर दिया था कि परिणाम इस मामले के कोर्ट से आने वाले अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा.

इस साल नीट में शामिल होने वाले सामान्य श्रेणी के 25 साल से अधिक और आरक्षित वर्ग के 30 साल के अधिक उम्र के छात्रों का परिणाम जारी नहीं होगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीएसई द्वारा 22 जनवरी 2018 को जारी अधिसूचना में उम्र सीमा के प्रावधानों को सही पाया है. लेकिन सीबीएसई द्वारा नेशनल ओपन या बाकी के ओपन स्कूलों से 12वीं कक्षा के छात्रों को नीट 2018 में आवेदन करने से रोकने के प्रावधानों को कानून के खिलाफ बताते हुए रद्द कर दिया है.

हाईकोर्ट में कुछ छात्रों ने याचिका दायर की थी जिसमें ओपन स्कूलों के छात्रों को नीट से वंचित किए जाने को चुनौती दी गई थी. याचिका में दलील दी गई थी कि यह उनके मौलिक अधिकारों का हनन है. एमसीआई और सीबीएसई के मनमाने आदेश से मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए तैयारी में जुटे देशभर के लाखों छात्र इससे प्रभावित होंगे जिन्होंने ओपन स्कूलों से 12वीं कक्षा पास की है.

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