दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को जुलाई से शुरू हो रहे डेंटल सर्जरी में स्नातकोत्तर (एमडीएस) पाठ्यक्रम में अन्य पिछड़ी जाति (ओबीसी) वर्ग के लिए आरक्षण पर दिशा-निर्देश की मांग करते हुए दायर याचिका के निपटारे तक स्थान रिक्त रखने के लिए कहा.
न्यायमूर्ति जयंत नाथ ने मामले में दलील की सुनवाई की तारीख 16 जुलाई तय करते हुए कहा, 'प्रतिवादी (एम्स) इस मामले में फैसला आने तक एक स्थान रिक्त रखेंगे.'
अदालत ने यह निर्देश अनुसार गुप्ता नाम के एक छात्र की याचिका पर दिया. गुप्ता ने एमडीएस पाठ्यक्रम के लिए ओबीसी श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल किया है, लेकिन उन्हें संस्थान ने ओबीसी श्रेणी में नामांकन से इनकार किया है.